UP में गंगा एक्सप्रेसवे से बड़ा Expressway बनाने की कवायद शुरू, इन 22 जिलों से होकर गुजरेगा
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे
Shamli Gorakhpur Expressway: उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अभी हुआ नहीं है कि इससे पहले ही यूपी के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे बनाने की कवायद तेज हो गई है. जहां गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 12 जिलों को जोड़ता है, वहीं गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे 22 जिलों को जोड़ेगा. गंगा एक्सप्रेसवे की तुलना में यह कई चीजों में काफी आगे है. गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को करने जा रहे हैं. यहां जानें यूपी के नए एक्सप्रेसवे के बारे में.
गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा. यह यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा. जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बना रहा है. इसकी लंबाई की अगर बात की जाए, तो यह करीब 700 से 750 किलोमीटर लंबा है. अभी यह 6 लेन का होगा, लेकिन बाद में इसे 8 लेन तक बढ़ाया जाएगा. लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है.
22 जिलों से होकर गुजरेगा गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे
गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे यूपी के 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा. यह हरियाणा बॉर्डर के पास यूपी के शामली से नेपाल बॉर्डर के समानांतर गोरखपुर तक जाएगा. यह एक्सप्रेसवे यूपी के शामली, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर और गोरखपुर जिलों को जोड़ेगा. एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य साल 2026 के अंत तक या पिर 2027 की शुरुआत में ही शुरू होने की संभावना है.
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समय की होगी बचत
जहां अब तक गोरखपुर से शामली जाने में 12-14 घंटे लगते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे बनने के बाद केवल 8-9 घंटे लगेंगे. 4 राज्यों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी. गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया जाएगा, जो सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए रियल टाइम निगरानी करेगा. कई ऐसी खास सुविधाएं गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे पर दी जाएंगी, जो अभी तक किसी एक्सप्रेसवे में देखने को नहीं मिलती हैं.