रामपुर जेल से रिहा होते ही आजम खान को ED ने हिरासत में लिया, गाजियाबाद कोर्ट में होगी पेशी
आजम खान को फिर से हिरासत में लिया गया
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जैसे ही जेल से बाहर आए ईडी ने तुरंत उन्हें हिरासत में ले लिया. शनिवार (31 अक्टूबर 2026) की शाम को आजम खान रामपुर जेल से बाहर आए तभी गेट पर पहले से मौजूद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया. अब ईडी आजम खान को रविवार सुबह करीब 10 बजे कोर्ट में पेश करेगी और कस्टडी की मांग करेगी.
जेल के गेट पर मौजूद थी ED की टीम
दरअसल, हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खान को रिहाई मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी. उन्हे आज शनिवार की शाम रामपुर जेल से रिहा किया गया. उधर आजम खान के खिलाफ 14 अक्टूबर को ईडी ने मुकदमा दर्ज किया था. इस केस के आधार पर ईड की टीम रामपुर जेल के बाहर आजम खान के रिहा होने का इंतजार कर रही थी कि उन्हें जेल से निकलते ही हिरासत में लिया जा सके.
कब होगी आजम खान की रिहाई?
साल 2025 में 19 नवंबर को जेल गए आजम करीब 346 दिन बाद रिहा तो हुए लेकिन समर्थक सिर्फ एक झलक ही देख सके और ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. अब उनकी रहाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. अगर ईडी कोर्ट से आजम खान की कस्टडी की मांग करती और ये मांग मान ली जाती है तो आजम खान को कुछ और दिन अभी जेल में रहना पड़ सकता है. ED की टीम रविवार सुबह करीब 10 बजे आजम खान को गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में पेश करेगी.
Rampur, Uttar Pradesh: After being released from Rampur jail, Samajwadi Party leader Azam Khan says, "What is there left to say? What can I say? The law has ceased to exist. This is the punishment for being a Muslim? Our mistake was that a university was built by a Muslim. That is our crime. We built schools for children. Is that our crime?"
— IANS (@ians_india) October 31, 2026
आजम खान ने क्या कहा?
उधर, रिहाई और गिरफ्तारी के बीच आजम ने पत्रकारों के सवाल पर कहा- अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून तो जैसे खत्म ही हो गया है. क्या मुसलमान होने की यही सजा है? हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई. यही हमारा गुनाह है. हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए. क्या यह हमारा गुनाह है?
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