‘अंगद का पैर’ टिके रहने के लिए यूपी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को क्या नसीहत दे गए अमित शाह?
सीएम योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह
UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सरगर्मियां तेज होने लगी हैं. लगातार दो बार से सूबे की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी तीसरी बार सरकार बनाने का दम भर रही है. हालांकि, बीजेपी के भीतर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बिगड़ने की खबरों के साथ-साथ कार्यकर्ताओं की नाराजगी जैसी बातें भी सामने आई हैं. दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी भी सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है. इन सबके बीच, गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव का रोडमैप रखा.
अपने संबोधन में अमित शाह ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी से लेकर पार्टी की मंशा और विपक्ष के तमाम आरोपों पर बात की. शाह के बयानों से यह स्पष्ट था कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी अति-आत्मविश्वास जैसी स्थिति नहीं बनने देना चाहती है. वहीं शाह ने उन बिंदुओं पर भी जोर दिया, जहां किसी भी तरह की लापरवाही भाजपा को सत्ता से दूर रख सकती है.
दरअसल, मसला महज कार्यकर्ताओं-नेताओं की नाराजगी का ही नहीं है. लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा का कमजोर प्रदर्शन (33 सीटें) और हालिया एमएलसी चुनाव में लखनऊ-वाराणसी जैसी सीटों पर पार्टी उम्मीदवारों की हार के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं.
पीएम मोदी के अलावा वाराणसी एमएलसी क्षेत्र में अनिल राजभर, रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर सिंह जैसे मंत्री हैं. वहीं एनडीए के सहयोगी दलों में भी अनुप्रिया पटेल और ओम प्रकाश राजभर जैसे मंत्री आते हैं. इसलिए वाराणसी की एमएलसी सीट पर हार बीजेपी को ज्यादा चुभने वाली है. दूसरी तरफ, लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संसदीय क्षेत्र है. यहां भी भाजपा को एमएलसी चुनावों में हार मिली है.
ऐसे में एमएलसी चुनावों के नतीजों के अगले दिन ही अमित शाह यूपी की राजधानी लखनऊ पहुंचे और तमाम नेताओं-कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की.
सीएम योगी की खूब तारीफ की
शाह ने कानून-व्यवस्था और माफिया मुक्त शासन का जिक्र करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की. दूसरी ओर उन्होंने पीएम मोदी को 2029 में फिर से प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प भी दोहराया. शाह ने कार्यकर्ताओं को सर्वोपरि बताते हुए उन्हें बूथस्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने की अपील की. शाह ने स्पष्ट किया कि आज बीजेपी के विस्तार की वजह उनके कार्यकर्ता ही हैं, महज बड़े नेताओं के भाषण से चुनाव में जीत नहीं मिलती है.

कार्यकर्ताओं को कहा ‘मालिक’
पार्टी के कार्यकर्ताओं को ‘मालिक’ कहकर संबोधन महज औपचारिता नहीं था, ये उन कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश था, जो या तो नाराज चल रहे हैं या फिर आगामी चुनावों को लेकर बहुत उ्त्साहित नहीं नजर आ रहे हैं. अपनी नाराजगी को गोमती में फेंकने की नसीहत देते हुए शाह ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अपना बही-खाता ठीक रखने का टास्क भी दिया.
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पिछले कुछ समय से इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि दिल्ली और लखनऊ के बीच सबकुछ ठीक नहीं है. समाजवादी पार्टी भी कई बार ऐसे आरोप लगाकर बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश करती रही है. लेकिन, शाह ने अपने लखनऊ दौरे से ऐसी तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है. अमित शाह ने कहा, ‘यूपी में बीजेपी अंगद का पैर है, उसे कोई नहीं हिला सकता है. आप कमर कस लो, अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखो, हमें फिर से सरकार बनाना है.’ इशारा साफ था कि आलाकमान का फोकस हर हाल में चुनाव जीतने पर है.
योगी ही होंगे चेहरा?
अमित शाह के लखनऊ दौरे के बीच एक और चर्चा रही कि क्या सीएम योगी के चेहरे पर ही भाजपा आगामी चुनाव में उतरेगी? बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने इसको लेकर भी संकेत दे दिए कि यूपी चुनाव 2027 में सीएम योगी ही पार्टी का चेहरा होंगे. विनोद तावड़े ने कहा कि बैठक में अमित शाह ने सीएम योगी की बार-बार तारीफ की है. अब समझदार के लिए इशारा ही काफी है.
‘आपने रामभक्तों पर गोलियां चलाईं’
राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर अखिलेश यादव भाजपा पर खूब हमलावर रहे हैं. अखिलेश अपने बयानों से बार-बार ये बताने की कोशिश करते रहे हैं कि बीजेपी सनातन विरोधी है. ऐसे में शाह ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाने की तारीख का जिक्र कर अखिलेश यादव पर निशाना साधा और पूछा, ‘आप किस मुंह से सरकार बनाने की बात करते हैं? आपने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और हमने राम मंदिर बनाया. जनता आपकी तीसरी पीढ़ी को भी माफ नहीं करेगी.’
चला UCC वाला दांव
वहीं यूजीसी वाला दांव भी शाह खेलते नजर आए. उन्होंने कहा कि यूपी में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनी तो समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेंगे. विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मैच हारने के बाद ये लोग अंपायर पर आरोप लगा रहे हैं.

बीजेपी के सामने अखिलेश बड़ी चुनौती
बीजेपी के दावों से इतर, प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी भी सूबे में सत्ता परिवर्तन का दावा कर रही है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव का कहना है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार से जनता परेशान है और पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण एनडीए खेमे को चुनावों में हराकर सत्ता से बाहर कर देगा. हालिया एमएलसी चुनाव में सपा ने वाराणसी और लखनऊ जैसी सीटों पर शिक्षक और स्नानक सीटों पर जीत दर्ज करते हुए बीजेपी को तगड़ा झटका दिया है.
इस जीत से सपा के कार्यकर्ताओं का जोश भी हाई है. पिछले एमएलसी चुनाव के मुकाबले दो सीटें ज्यादा जीतने के बाद अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता प्रदेश की बीजेपी सरकार को सबक सिखाने के लिए तैयार है और सपा के नेतृत्व में 2027 में सरकार बनेगी.
यूपी विधानसभा चुनाव में अब 6 महीने से भी कम का वक्त बच गया है. ऐसे में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को शाह का संदेश क्या चुनावी वैतरणी पार करा पाएगा, या अखिलेश यादव पीडीए फॉर्मूले के बलबूते सत्ता में वापसी कर पाएंगे, ये तो नतीजे ही बताएंगे. लेकिन इतना तो तय है कि दोनों खेमे इस चुनाव में जीत के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहेंगे.