शिक्षकों के हित में एमपी हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला, 6वें वेतनमान का लाभ देने के दिए निर्देश

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य के करीब 70 हजार शिक्षकों के हक में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सरकार को शिक्षकों को साल 2006 से 6वें वेतनमान का लाभ देने के निर्देश दिए हैं.
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एमपी हाई कोर्ट

MP में अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों से जुड़ी बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य के करीब 70 हजार शिक्षकों के हक में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सरकार को 4 सप्ताह के भीतर 6वें वेतनमान का लाभ देने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सभी शिक्षकों को साल 2006 से 6वें वेतनमान का लाभ दें.

कब होगी अगली सुनवाई

इतना ही कोर्ट ने ये भी कहा है कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ तो स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को हाजिर होना पड़ेगा. साथ ही इस मामले में अगली सुनवाई की तरीख 23 नवम्बर को तय कर दी गई है. कोर्ट के इस फैसले से अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों को की फायदें हो सकते हैं. शिक्षकों सीनियरिटी,वेतन वृद्धि, एरियर्स, पेंशन के फायदें मिल सकते हैं.

सैलरी में बढ़ोतरी- इस आदेश के लागू होने से शिक्षकों के वेतन में करीब 15,000 से 20,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

अन्य लाभ- पहली नियुक्ति से सेवा जुड़ने के कारण शिक्षकों को सीनियरिटी (वरिष्ठता), पेंशन निर्धारण, और सालाना वेतन वृद्धियों (Increments) का भी बड़ा फायदा मिलेगा

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को जॉइनिंग की पहली डेट से सेवाकाल जोड़ने का आदेश दिया है. बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार की अपील खारिज हो चुकी है. शिक्षकों ने आदेश का पालन करवाने HC में अवमानना याचिका दायर की है. साल 2006 की बजाय 2016 से 6वें वेतनमान देने को चुनौती दी थी.

क्यों शुरू हुआ ये विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ था जब पंचायत विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग के ‘अध्यापक’ कैडर में शामिल किए गए शिक्षकों को उनके शुरुआती अनुबंध और शिक्षण स्टाफ के तौर पर की गई सेवा का लाभ देने से इनकार कर दिया गया था. कोर्ट के इस रुख से अब प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.

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