उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे गन कल्चर पर हाईकोर्ट नाराज, राजा भैया-बृजभूषण समेत 19 बाहुबलियों की मांगी रिपोर्ट
बाहुबलियों पर हाईकोर्ट सख्त
UP Gun Culture Backlash: उत्तर प्रदेश में कई ऐसे नेता मौजूद हैं, जिनके पास दर्जनों लाइसेंसी हथियार हैं. यह नेता समय-समय पर इन हथियारों के जरिए शक्ति प्रदर्शन भी करते रहते हैं. प्रदेश में बढ़ रहे इस तरह के गन कल्चर और बाहुबलियों को जारी हथियार लाइसेंस को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने सरकार से राजा भैया, बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह और बृजेश सिंह समेत 19 चर्चित बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ब्यौरा मांगा है.
जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर हथियारों का प्रदर्शन कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति के लिए खतरा बनता जा रहा है. अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे लोगों को हथियार लाइसेंस किन परिस्थितियों में दिए गए? इसके साथ ही उनकी जांच कैसे हुई है.
10 लाख से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस जारी
इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष पेश किए गए आंकड़ों में खुलासा हुआ कि उत्तर प्रदेश में अब तक 10 लाख से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं. इसके अलावा वहीं 6 हजार से अधिक ऐसे लोगों को भी लाइसेंस दिए गए हैं, जिन पर दो या उससे ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इसके अलावा हजारों परिवार ऐसे हैं जिनके पास एक से ज्यादा हथियार लाइसेंस मौजूद हैं.
हाईकोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि जिन बाहुबलियों को सरकारी सुरक्षा मिली हुई है, उनके पास निजी हथियार रखने की क्या जरूरत है. कोर्ट ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से नामवार रिपोर्ट तलब करते हुए पूछा है कि लाइसेंस जारी करने में नियमों का पालन हुआ था या नहीं.
बाहुबली नेताओं की बढ़ेगी टेंशन?
इस पूरे मामले में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उनमें पूर्व सांसद और प्रभावशाली ठाकुर नेताओं का दबदबा रखने वाले कई चेहरे शामिल हैं. हाल के महीनों में पूर्वांचल की राजनीति में बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह और बृजेश सिंह लगातार एक मंच पर दिखाई दिए थे, जिससे उनकी राजनीतिक ताकत को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं.
अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रदेश में बाहुबलियों के हथियार लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था और गन कल्चर को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है. अदालत ने सरकार को जल्द विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.