सऊदी अरब में अरामको का हेलीकॉप्टर क्रैश, 14 की मौत; युद्ध के कारण 4 महीनों तक बंद रहने के बाद शुरू हुआ था
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Saudi Helicopter Crash: दुनिया की सबसे बड़े तेल कंपनी अरामको का हेलीकॉप्टर रविवार को सऊदी अरब में क्रैश हो गया. हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई. मारे गए सभी लोग सऊदी के नागरिक बताए जा रहे हैं. सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे रास तनुरा में हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था. हालांकि क्रैश होने का कारण अब तक सामने नहीं आया है.
सऊदी के ऊर्जा मंत्रालय ने शोक जताया
वहीं हादसे पर सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने शोक जताया है. सऊदी अरब ने ऊर्जा मंत्रालय ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सऊदी की अरामको के हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है. जिसमें 14 यात्री शहीद हो गए हैं. खुदा उनकी रूह को जन्नत बख्शे.
وزارة الطاقة: سقوط طائرة مروحية تابعة لشركة أرامكو السعودية واستشهاد جميع ركابها وعددهم (14).https://t.co/GIfK4xYoZ3#واس
— واس العام (@SPAregions) June 28, 2026
4 महीने बाद शुरू हुई थी तेल की लोडिंग
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण तेल सप्लाई बाधित हो गई थी. रविवार को जो हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ है, युद्ध के कारण पिछले 4 महीनों से इसका संचालन भी रोक दिया गया था. 4 महीनों तक ठप पड़े रहने के बाद शुक्रवार को दोबारा तेल की ढुलाई शुरू हुई थी, लेकिन दो दिन बाद ही हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. जिस जगह रास तनुरा में हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ है, वो सऊदी अरब का प्रमुख तेल और औद्योगिक केंद्र है. साथ ही अरामको का भी प्रमुख आधार है.
वैश्विक बाजार में आपूर्तिकर्ता है अरामको
अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है. साथ ही गैस की सबसे बड़ी कंपनियों में भी शामिल है. यहा हर दिन लाखों बैरल तेल का उत्पादन किया जाता है. अरामको वैश्विक बाजार के लिए बड़ी आपूर्तिकर्ता कंपनी है. बता दें इस कंपनी की शुरुआत 1933 में अमेरिका के सहयोग से हुई थी. लेकिन बाद में 1988 में अमेरिका से पूरी तरह अलग हो गई.
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