ईरान-US बातचीत से पहले इस्लामाबाद बना ‘हॉटस्पॉट’, क्या हैं पाकिस्तान की तैयारी?
पाकिस्तान में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
US-Iran talks Islamabad summit: अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को सीजफायर को लेकर अहम बातचीत होने वाली है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित की जा रही है. हालांकि इस बातचीत से पहले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण विवाद बढ़ गया है. दूसरी तरफ इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं. पाकिस्तान के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रही है.
राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक से पहले पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है. इसके साथ ही यहां पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है. बातचीत में शामिल होने वाले देशों के लोगों को कोई समस्या न हो इस वजह से शहर में दो दिनों की छुट्टी का ऐलान किया गया है. जिस इलाके में यह बैठक होने वाली है उसको पूरी तरह से सील कर दिया गया है.
सुरक्षा के लिए बनायी गईं नई गाइडलाइंस
पाकिस्तान में ओने वाले वाली इस शांति वार्ता को पूरी दुनिया उम्मीद की नजर से देख रही है. भले ही पाकिस्तान की खुद की हरकतें हमेशा से ही खराब रही हैं. बातचीत और दुनिया के सुपर पावर और ईरान के साथ सीजफायर में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका-ईरान के कई सीनियर लीडर पाकिस्तान पहुंच चुके हैं तो कई पहुंचने वाले हैं. उनकी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान ने सभी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों और सिक्योरिटी फोर्स को सुरक्षा में लगाया है.
बातचीत में शामिल होने वाले डेलिगेशन को रोकने आने-जाने और मीटिंग के दौरान ब्लू लुक के तहत VVIP प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा. यहां कई घेरों में सुरक्षा व्यवस्था की गई है. सभी सुरक्षाकर्मी नई गाइडलाइंस का ही पालन करेंगे. करीब 10,000 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
इस्लामाबाद में आम लोगों की आवाजाही को काफी हद तक सीमित कर दिया गया है और कई सड़कों को आम वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है. शहर के हर चौक चौराहों पर सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है. एयरपोर्ट से लेकर ठहरने की जगह तक डेलिगेशन के लिए अलग रूट तय किए गए हैं. ताकि विदेशी प्रतिनिधियों की आवाजाही में कोई दिक्कत न हो.
लेबनान को नहीं मिला बातचीत में शामिल होने का इनवाइट
इजरायल के प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले ही कहा था कि वह लेबनान के साथ सीधी बातचीत करना चाहते हैं. इस बातचीत की मुख्य वजह हिजबुल्लाह के हथियार डलवाना और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना होगा. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर यह कहा कि सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा. दूसरी तरफ लेबनान ने कहा कि अब तक बातचीत के लिए कोई भी इनवाइट नहीं मिला है. इसके साथ यह भी कहा कि जब लेबनान पर सीजफायर लागू नहीं होता है, तब तक बातचीत संभव ही नहीं है.
ईरान बोला- बातचीत संभव नहीं
कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है. जबकि ईरान ने इस तरह के सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उसने कहा कि तेहरान का अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है. ईरान ने साफ किया जब तक सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता है, तब तक बातचीत संभव ही नहीं है. इस बयान के बाद अब बातचीत पर संकट के बादल भी मंडराने लगे हैं.
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