रेलवे की एक चिट्ठी और कैटरिंग ठेकेदारों की हो गई मौज! जानिए क्या है पूरा मामला

Train Food Service: रेलवे बोर्ड ने कैटरिंग ठेकेदारों अथवा कॉन्ट्रेक्टरों के लिए सख्त नियम बनाए हैं ताकि यात्रियों को साफ और पोषक तत्वों से भरपूर खाना मिल सके. ठेकेदार नियम का उल्लंघन करते हैं तो फाइन या पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है.
indian train food service

ट्रेन में फूड सर्विस से जुड़ी खबर

Train Food Service: आप जब ट्रेन से यात्रा करते हैं और भूख लगे तो क्या करते हैं? जब ट्रेन किसी रेलवे स्टेशन पर रुकती है तो प्लेटफॉर्म पर बने स्टॉल से खानपान की सामग्री खरीद लेते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन फूड डिलीवरी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं जो आपकी सीट पर ही खाना पहुंचाता है. कैटरिंग सर्विस के बारे में तो आप जानते ही होंगे. अब इसे लेकर रेलवे बोर्ड ने बड़ा बदलाव किया है.

कैटरिंग ठेकेदारों पर कम फाइन लगेगा

  • लंबी दूरी की ट्रेनों में कैटरिंग सर्विस होती है.
  • इस सर्विस की मदद से ट्रेनों में खानपान की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.
  • रेलवे बोर्ड ने कैटरिंग ठेकेदारों अथवा कॉन्ट्रेक्टरों के लिए सख्त नियम बनाए हैं ताकि यात्रियों को साफ और पोषक तत्वों से भरपूर खाना मिल सके.
  • ठेकेदार नियम का उल्लंघन करते हैं तो फाइन या पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है.
  • अब बोर्ड ने तय किया गया है कि अब ठेकेदारों पर कम अर्थदंड लगाया जाएगा.
  • अच्छी सेवाओं के लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी.

चिट्ठी में क्या कहा गया है?

  • इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी IRCTC रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेन में खानपान की सेवा मुहैया कराती है.
  • रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक ने IRCTC को चिट्ठी लिखी है. NBT की खबर के मुताबिक इस चिट्ठी में ठेकेदारों पर कम फाइन लगाने की बात कही गई है.
  • फाइन या पेनाल्टी खाने की क्वांटिटी के हिसाब से लगाया जाएगा.
  • ठेकेदारों पर फाइन लगाने की बजाय उन्हें प्रशिक्षित किया जाए, जरुरत होने पर चेतावनी दी जाए.

फाइन कब लगाया जाएगा?

  • ठेकेदारों पर तभी फाइन लगाया जाएगा जब फूड प्वॉइजनिंग की घटना हो.
  • एक ही ट्रेन में ढेर सारी शिकायतें आ रही हों.
  • कम भोजन मात्रा की शिकायत हो. खाना सर्व करने का तरीका अन हाइजेनिक हो.
  • इसके अलावा खाना के लिए ज्यादा चार्ज किया जा रहा हो.

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पहले क्या व्यवस्था थी?

  • इससे पहले 14 नवंबर 2023 को जारी कैटरिंग पॉलिसी के हिसाब से फाइन लगता था.
  • इस पॉलिसी के तहत कई तरह के दंड के प्रावधान थे.
  • खाना ठंडा, टेस्ट खराब होने पर, देरी से खाना डिलीवर करने की शिकायत मिलने पर पहली बार 5000 रुपये का फाइन लगाया जाता था.
  • यहीं गलती दूसरी बार होने पर 10000 रुपये, तीसरी बार 15000, चौथी बार 20000 रुपये और इससे ज्यादा बार होने पर 25000 रुपये का फाइन लगाया जाता था.

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