BJYM टीम पर घमासान, 4 महीने बाद भी नहीं बनी सहमति, दिग्गज नेताओं में समर्थकों को एडजस्ट करने की होड़

MP News: ओबीसी मोर्चा के 37 पदाधिकारियों में एक भी महिला को स्थान नहीं मिला, जबकि किसान मोर्चा के 31 में सिर्फ 2 महिलाएं शामिल हैं. एससी मोर्चा में 38 में एक और अजा मोर्चा में 32 में 7 महिलाओं को जगह दी गई है. ऐसे में युवा मोर्चा की टीम में संतुलन बनाए रखने का दबाव और बढ़ गया है.
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MP News: भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा की प्रदेश टीम को लेकर खींचतान तेज हो गई है. मध्य प्रदेश में भाजपा संगठन के 62 जिलों के साथ-साथ महिला, ओबीसी, एससी-एसटी और किसान मोर्चा की कार्यसमितियों का ऐलान हो चुका है, लेकिन युवा मोर्चा की टीम अब तक घोषित नहीं हो सकी है. प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष श्याम टेलर की नियुक्ति को चार महीने बीत चुके हैं, इसके बावजूद उनकी टीम को लेकर पार्टी के बड़े नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पा रही है.

क्षेत्रीय संतुलन बनाना चुनौती

कई दौर की बैठकों के बाद भी पदाधिकारियों की सूची फाइनल नहीं हो सकी है. पार्टी मुख्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी नामों को लेकर लगातार मंथन कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, युवा मोर्चा की टीम को लेकर पार्टी के दिग्गज नेताओं में अपने-अपने समर्थकों को शामिल कराने की होड़ मची हुई है. इसी कारण सूची को अंतिम रूप देने में देरी हो रही है.

इसके साथ ही क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिससे सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिल सके. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से हाल ही में किसान, ओबीसी, एससी-एसटी और महिला मोर्चा के पदाधिकारियों की घोषणा की जा चुकी है. अब पार्टी के भीतर और बाहर सभी की नजरें युवा मोर्चा की टीम पर टिकी हुई हैं.

महिला प्रतिनिधित्व को लेकर उठे सवाल

अन्य मोर्चों में महिलाओं को सीमित प्रतिनिधित्व मिलने के कारण भी पार्टी इस बार ज्यादा सतर्क नजर आ रही है. ओबीसी मोर्चा के 37 पदाधिकारियों में एक भी महिला को स्थान नहीं मिला, जबकि किसान मोर्चा के 31 में सिर्फ 2 महिलाएं शामिल हैं. एससी मोर्चा में 38 में एक और अजा मोर्चा में 32 में 7 महिलाओं को जगह दी गई है. ऐसे में युवा मोर्चा की टीम में संतुलन बनाए रखने का दबाव और बढ़ गया है.

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सीएम हाउस में मंथन

शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर सत्ता और संगठन के शीर्ष नेताओं की बैठक में लंबित मामलों पर चर्चा की गई. बैठक में एल्डरमैन, निगम-मंडल, आयोग और प्राधिकरण में नियुक्तियों के साथ-साथ 6 अप्रैल को होने वाले भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रमों को लेकर भी रणनीति बनाई गई.

भाजयुमो की टीम को लेकर जारी खींचतान से साफ है कि संगठन के भीतर संतुलन साधना आसान नहीं है. पार्टी अब स्थापना दिवस से पहले सभी मोर्चों की टीम घोषित करने की कोशिश में है, ऐसे में आने वाले दिनों में युवा मोर्चा की सूची पर अंतिम फैसला हो सकता है.

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