अंबिकापुर में सरगुजिहा बोलने वाले बच्चे को नहीं पढ़ाने वाले स्कूल पर 100000 का जुर्माना, संचालन पर रोक लगी

CG News: बिना मान्यता संचालित स्वरंग स्कूल के संचालन पर बैन लगा दिया गया है. इसके अलावा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को आदेश दिया गया है कि इस अकादमी में पढ़ने वाले बच्चों को किसी दूसरे स्कूल में भेजा जाए और उसके साथ ही साथ स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.
ambikapur swarang school academy denies admission for speaking sargujiha dialect

स्वरंग स्कूल एकेडमी, अंबिकापुर

CG News: सरगुजिहा बोली बोलने वाले बच्चे को स्कूल में नहीं पढ़ाने वाले स्वरंग किड्स एकेडमी के खिलाफ शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई की है. बिना मान्यता संचालित स्वरंग स्कूल के संचालन पर बैन लगा दिया गया है. इसके अलावा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को आदेश दिया गया है कि इस अकादमी में पढ़ने वाले बच्चों को किसी दूसरे स्कूल में भेजा जाए और उसके साथ ही साथ स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.

क्या है पूरा मामला ?

अंबिकापुर के चोपड़ापारा में संचालित स्वरंग किड्स एकेडमी के खिलाफ शिकायत में गई थी कि स्कूल में रामकुमार नाम के व्यक्ति के द्वारा अपने बच्चे को पढ़ाने के लिए डेमो क्लास में भेजा गया था लेकिन एक सप्ताह पढ़ने के बाद बच्चे को सरगुजिहा बोलने के कारण उसको प्रबंधन ने पढ़ाने से इनकार कर दिया और उसका दाखिला नहीं लिया. इसके बाद विस्तार न्यूज़ ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया. इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया और एक जांच गठित की गई. जांच में गड़बड़ी सामने आई.

शिक्षक बच्चे की बात नहीं समझ पाते थे

जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक को भेजे गए जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी) चोपड़ापारा अम्बिकापुर के द्वारा 04 वर्ष के बालक को विद्यालय में प्रवेश देने से इस आधार पर मना कर दिया गया है कि वह हिन्दी में बातें नही कर पाता है. स्थानीय सरगुजिहा भाषा में बात करता है. संस्था द्वारा बच्चे के पिता से कहा गया कि इस विद्यालय में बड़े घर के बच्चे पढ़ते हैं वे भी आपके बच्चे की तरह सरगुजिहा सीख जायेंगे. शिक्षक बच्चे की बातें नहीं समझ पा रहे हैं, इसलिए उसे विद्यालय में स्थायी प्रवेश नहीं दिया जा सकता है.

प्रबंधन ने गलती स्वीकार की

स्वरंग किड्स एकेडमी (पेशागी एजूकेशन सोसायटी) चोपड़ापारा अम्बिकापुर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए समक्ष में उपस्थित होकर जवाब देने हेतु निर्देशित किया गया. संस्था द्वारा जवाब प्रस्तुत करते हुए अगवत कराया गया कि अभिभावक से संवाद कर पूरी स्थिति संवेदनशीलता से समझाई गई थी. उन्हें सुझाव दिया गया था कि बच्चे को पहले ऐसे वातावरण में तैयार किया जाये, जहां वह सहज होकर संवाद एवं सहभागिता कर सके. विद्यालय प्रबंधन व शिक्षकों द्वारा अपनी त्रुटि गलती स्वीकार की गई. यह भी आश्वस्त किया गया है कि हम उक्त बालक को प्रवेश देने हेतु तत्पर हैं.

ये भी पढ़ें: ‘बादाम खाओ याद आ जाएगी…’, एक साल से नहीं मिल रही थी फाइल, युवक ने अनोखे तरीके से जताया विरोध

अगले आदेश तक स्कूल बंद

दूसरी तरफ प्राप्त शिकायत के संबंध में रूमी घोष, वरिष्ठ प्राचार्य की अध्यक्षता में जांच दल का गठन करते हुए घटना की जांच कराई गई है. जांच दल द्वारा भी समाचारों में प्रसारित घटना होने की पुष्टि की है तथा बगैर मान्यता संस्था के संचालन की जानकारी दी है. स्वरंग किड्स एकेडमी द्वारा समक्ष में दिये गये बयान तथा जवाब से घटना प्रमाणित होने की पुष्टि होती है तथा यह भी पाया गया कि विभाग से बगैर मान्यता प्राप्त किये संस्था संचालित हो रही थी. इस पर स्वरंग किड्स एकेडमी पर 1 लाख रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है तथा आगामी आदेश पर्यन्त संस्था का संचालन स्थगित कर दिया गया है. विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर को निर्देशित किया गया है कि विद्यालय में अध्ययनरत् बच्चों को वांछित विद्यालयों में प्रवेश करावें.

ज़रूर पढ़ें