बड़वानी में घरों के नलों में आ रहा गटर का पानी! स्थानीय लोग बोले- समाधान नहीं हुआ तो ‘भागीरथपुरा’ से भी बड़ा कांड होगा

नाराज स्थानीय लोगों ने कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो 'भागीरथपुरा कांड' से बड़ा कुछ हो सकता है.
In Barwani, gutter-like water is coming from the taps of houses.

बड़वानी में घरों के नलों से गटर जैसा पानी आ रहा है.

Input- सचिन राठौर

MP News: मध्य प्रदेश में भागीरथपुरा कांड से शायद प्रशासन ने सबक नहीं लिया है. अब बड़वानी के वार्ड नंबर 16 में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है. यहां नलों से पीने योग्य पानी की जगह बदबूदार और गटर जैसा पानी आ रहा है. जलकर 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. नाराज वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ‘भागीरथपुरा कांड’ से बड़ा कुछ हो सकता है.

‘कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई’

वार्ड निवासी नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि वे कई दिनों से इस जल समस्या से जूझ रहे हैं. उन्होंने पार्षद बाबू भाई को कई बार सूचित किया है कि पानी पीने तो दूर, नहाने लायक भी नहीं है. पार्षद के माध्यम से नगर पालिका में बार-बार शिकायतें भेजने के बावजूद किसी वरिष्ठ अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है. गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के अधिकारी शायद किसी भयानक आपदा का इंतजार कर रहे हैं, ताकि कुछ लोगों के प्रभावित होने के बाद ही प्रशासन जगे और उसे होश आए. उन्होंने कहा कि कलेक्टर भी इस मामले में गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जबकि कागजों पर जल समस्या के समाधान के लिए बड़े-बड़े काम चल रहे हैं.

‘पानी पीना तो दूर, नहाने योग्य भी नहीं’

वार्डवासी और प्रधान पाठक कैलाश वर्मा ने बताया कि नर्मदा पाइपलाइन से आने वाला पानी इतना गंदा है कि उसे पीना तो दूर, उससे नहाना भी संभव नहीं है, क्योंकि उसमें तेज बदबू आती है. उन्होंने बताया कि हर 8 से 10 दिन में ऐसा ही पानी आता है और आज फिर से यही स्थिति है. वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नगर पालिका को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना चाहिए, वरना बड़वानी में भागीरथ पुरा से बड़ा कांड हो जाएगा. दिनेश कोराने ने बताया कि ड्रेनेज लाइन सिस्टम बनने के बाद से नलों में बदबूदार पानी आने लगा है. उन्होंने कहा, ‘आज तो ऐसा पानी आया है, जैसे नाली का पानी हो. उनके पास नगर पालिका प्रशासन को दिखाने के लिए पानी का सैंपल भी मौजूद है.

कोराने ने यह भी बताया कि नलों के आने का कोई निश्चित समय नहीं है और पानी 2 से 3 दिन के अंतराल पर आता है. जलकर बढ़ाने और दोगुना भुगतान करने के बावजूद नल सुधार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि पार्षद टैंकर की व्यवस्था तो कर देते हैं, लेकिन नई पाइपलाइन जोड़ने के बाद भी 10-12 घरों में बदबूदार पानी आ रहा है.

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