डिंडोरी में नीलगिरि बने बढ़ते जलसंकट की वजह! अच्छी कीमत के लालच में लगाए जा रहे पेड़, PHE ने भी माना गंभीर

MP News: नीलगिरि के पेड़ लकड़ी की अच्छी कीमत मिलने के कारण अब किसान और जमीन मालिक निजी भूमि तथा बंजर जमीनों पर भी तेजी से नीलगिरि का रोपण कर रहे हैं. एक पेड़ की कीमत हजारों रुपये तक मिलने से भी लोगों के लिए यह कमाई का जरिया बन गया है
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डिंडोरी: नीलगिरी के पेड़ बने जलसंकट की वजह

MP News: (डिंडोरी से अनिल साहू की रिपोर्ट) मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में लगातार जलसंकट गहराते जा रहा है. अब यही वज़ह है कि नीलगिरि यानी (यूकेलिप्टस) के पेड़ों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. जानकारों के अलावा स्थानीय लोगों का मानना है कि जिले में तेजी से बढ़ रहे नीलगिरि के पेड़ भूजल स्तर गिरने की एक बड़ी वजह बन सकते हैं.

लगातार गिरते जा रहा है भू-जल स्तर

डिंडोरी जिला जल अभावग्रस्त जिलों की सूची में शामिल है यही वजह है की गर्मी शुरू होते ही जिले के कई ग्रामों में हैंडपंप, कुएं और बोरवेल सूखने लगते हैं. हालात ऐसे हैं कि कई जलस्रोत, जो कभी सालभर पानी से भरे रहते थे. अब गर्मियों में पूरी तरह जवाब देने लगे हैं और सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं. विशेषज्ञ के अनुसार नीलगिरि के पेड़ों की जड़ें काफी गहराई तक जाती हैं और ये बड़ी मात्रा में पानी अवशोषित करते हैं. इससे भूमिगत जलस्तर पर असर पड़ता है. वर्ष 2006-07 में जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे के किनारों पर बड़ी संख्या में नीलगिरि के पौधे लगाए गए थे, जो अब विशाल वृक्ष बन चुके हैं.

अच्छी कीमत के लालच में लगा रहे पेड़

नीलगिरि के पेड़ लकड़ी की अच्छी कीमत मिलने के कारण अब किसान और जमीन मालिक निजी भूमि तथा बंजर जमीनों पर भी तेजी से नीलगिरि का रोपण कर रहे हैं. एक पेड़ की कीमत हजारों रुपये तक मिलने से भी लोगों के लिए यह कमाई का जरिया बन गया है, हांलाकि जानकार बताते हैं कि नीलगिरि का अनियंत्रित विस्तार स्थानीय जैव विविधता, मिट्टी की नमी और जल संतुलन को प्रभावित कर सकता है.

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प्रशासन चलाएगा जागरूकता अभियान

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने भी गिरते जलस्तर को गंभीर माना है. वहीं जिला प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने और नीलगिरि के नए पौधों के रोपण को लेकर अभियान चलाने की बात कही है. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या समय रहते संतुलित नीति और जनजागरूकता के जरिए जलस्रोतों को बचाया जा सकेगा या आने वाले समय में डिंडौरी का जलसंकट और गंभीर रूप ले लेगा.

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