‘लटेरी को चांचौड़ा में जोड़ने का सपना वालों को यहां पैर रखने का अधिकार नहीं’, लक्ष्मण सिंह के दौरे पर MLA उमाकांत शर्मा का तंज

विधायक उमाकांत शर्मा ने पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी लटेरी को चांचौड़ा में जोड़ने का सपना देख रहे थे, उन्हें लटेरी की धरती पर पैर रखने का भी अधिकार नहीं है.
Former MP Laxman Singh (File Photo)

पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह(File Photo)

MP News: विदिशा जिले के लटेरी में मंगलवार को राजनीतिक माहौल उस समय गर्मा गया, जब पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात की और काला देव गांव में अंबेडकर प्रतिमा खंडित होने के मामले में कार्रवाई की मांग की. वहीं, उनके दौरे के बीच क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा ने उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए लटेरी के सम्मान और पहचान का मुद्दा उठाया.

पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने सबसे पहले पत्रकार विनोद सूर्यवंशी के निवास पहुंचकर उनकी भाभी के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं. इसके बाद उन्होंने नगर एवं क्षेत्र के अन्य शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर परिजनों को सांत्वना दी.

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए लक्ष्मण सिंह

इसके बाद लक्ष्मण सिंह काला देव गांव पहुंचे. जहां हाल ही में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित किए जाने की घटना हुई थी. उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की. जानकारी के अनुसार वे शाम तक क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में शामिल हुए. इस दौरान उनके समर्थक और स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. इस दौरे के दौरान लक्ष्मण सिंह ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और किसी से कोई बातचीत नहीं की.

‘लटेरी की धरती पर पैर रखने का हक नहीं’

इसी बीच क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा ने पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी लटेरी को चांचौड़ा में जोड़ने का सपना देख रहे थे, उन्हें लटेरी की धरती पर पैर रखने का भी अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि लटेरी क्षेत्र की पहचान, स्वाभिमान और सम्मान सर्वोपरि है और इसके साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. विधायक उमाकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए लटेरी की पहचान के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की थी. यही समय था जब कमलनाथ की सरकार में उन्होंने लटेरी को विदिशा से काटने की कोशिश की थी, उन्हें इस जमीन पर पैर रखने का कोई अधिकार नहीं.

लेकिन जनता ऐसे प्रयासों को कभी स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी. पूर्व सांसद के दौरे और विधायक के बयान के बाद लटेरी की राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं.

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