टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर हमला! रेस्टोरेंट में चल रही बैठक के दौरान फेंके अंडे, BJP समर्थकों पर आरोप
Mahua Moitra Attack: पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं को निशाना बनाए जाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. हर दिन किसी न किसी नेता को आम जनता की तरफ से निशाना बनाया जा रहा है. अब तक कई नेताओं और पुराने नेताओं पर हमले और अंडे पेके जा चुके हैं. इसी कड़ी में अब टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा भी जनता के निशाने पर आ गई हैं. हालांकि महुआ ने इस घटना के लिए बीजेपी को ही जिम्मेदार ठहराया है.
महुआ मोइत्रा का दावा है नादिया के कालीगंज स्थित अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय में उनके ऊपर अंडे और बैंगन फेंके गए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थक लगातार पार्टी कार्यालय की तीसरी मंजिल को निशाना बनाकर अंडे और बैंगन फेंक रहे थे.
Hello @DGPWestBengal @WBPolice past 2 hours & your police is watching the fun & not dispersing the mob. They want me to flee & they will pelt eggs /stones while I enter my car. Please do your job. Disperse the mob. Am in NH Dhaba Plassey. pic.twitter.com/PWmjuJEnaH
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 1, 2026
कहां हुई पूरी घटना?
बुधवार को महुआ मोइत्रा टीएमसी के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ कोलकाता के एक रेस्टोरेंट में मीटिंग कर रही थीं, तभी उनके ऊपर अंडे फेंके गए. महुआ मोइत्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस घटना के बारे में जानकारी दी है.
इस पूरी घटना की जानकारी खुद महुआ मोइत्रा ने ही सोशल मीडिया पर दी है. उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि पुलिस ने भी पूरे तरह से इस मामले में लापरवाही बरती है. कॉल करने के काफी देर तक पुलिस ही नहीं पहुंची थी. अपने फेसबुक लाइव में उन्होंने आरोप लगाया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय पुलिस केवल इस समय तमाशा ही देख रही है.
पहले कई नेता बन चुके हैं निशाना
बता दें कि पश्चिम बंगाल में जब से बीजेपी की सरकार बनी है तब से टीएमसी के क्षेत्रीय नेताओं के अलावा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व जैसे महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी, सांसद कल्याण बनर्जी जैसे नेताओं पर भी अंडों और टमाटर से हमले हो चुके हैं. इस तरह की घटनाओं पर खुद हाईकोर्ट भी नाराजगी जाहिर कर चुका है. इसके बाद भी न तो हालात सुधर रहे हैं और न ही नेताओं पर हो रहे हमले थमने का नाम ले रहे हैं.
हाईकोर्ट ने राज्य की शुभेंदु सरकार से 20 जुलाई तक हलफनामा दाखिल कर यह बताने को भी कहा है कि अंडे फेंकने की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने का भी निर्देश दिया.
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