भोपाल में खर्राटे लेने के कारण तलाक का फैसला; पत्नी बोली- वो इंसान बहुत अच्छे हैं, लेकिन सो नहीं पाती हूं

विशेषज्ञों के मुताबिक स्लीप एपनिया से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, वहीं इसका असर केवल मरीज ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और दांपत्य जीवन पर भी पड़ता है.
Symbolic picture.

सांकेतिक तस्वीर.

MP News: भोपाल में एक महिला ने अपने पति को सिर्फ इस वजह से तलाक देना का फैसला किया, क्योंकि वह रात में सोते समय खर्राटे लेता था. महिला ने कहा कि पति बहुत अच्छे इंसान हैं, लेकिन खर्राटे के कारण सो नहीं पाती हूं. जिसके कारण पति को तलाक देने का फैसला ले लिया. लेकिन तलाक से पहले फैमिली कोर्ट में काउंसलिंग करवाई गई. गनीमत रही कि काउंसलिंग और डॉक्टर्स की सलाह के बाद महिला ने अपना इरादा बदल दिया और 5 साल पुराना रिश्ता खत्म होने से बच गया.

3 महीने की काउंसलिंग के बाद साथ रहने के लिए हुई राजी

पति-पत्नी के बीच तलाक की वजह अगर सिर्फ खर्राटे बन जाएं, तो यह सुनकर हैरानी जरूर होगी. लेकिन भोपाल में ऐसा ही एक मामला फैमिली काउंसलिंग के दौरान सामने आया. पत्नी ने कहा कि उसके पति बहुत अच्छे इंसान हैं, लेकिन उनके तेज खर्राटों की वजह से वह रातभर सो नहीं पाती, इसलिए उसने तलाक लेने का फैसला किया. 3 महीने की काउंसलिंग और चिकित्सकीय सलाह के बाद दंपती ने अपना फैसला बदल दिया और दोनों साथ में रहने के लिए राजी हो गए.

‘खर्राटों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है’

डॉक्टरों का कहना है कि तेज खर्राटों को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. बढ़ते मोटापे और बदलती जीवनशैली के कारण ऐसे मरीजों की संख्या पिछले दस वर्षों में करीब तीन गुना बढ़ गई है. विशेषज्ञों के मुताबिक स्लीप एपनिया से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, वहीं इसका असर केवल मरीज ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और दांपत्य जीवन पर भी पड़ता है.

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