विदिशा जिला अस्पताल के गेट पर हुआ प्रसव, 25 मिनट तक नहीं मिली मदद, जच्चा और बच्चा ICU में भर्ती
विदिशा जिला अस्पताल में लापरवाही
इनपुट-सुरेंद्र राजपूत
Vidisha: विदिशा जिला अस्पताल एक बार फिर गंभीर लापरवाही के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है. सिरोंज तहसील के साहिस्ताबाद गांव की गर्भवती महिला शुखबती बाई यादव का प्रसव अस्पताल के प्रसूति वार्ड के बाहर ही हो गया. आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने महिला को वार्ड से बाहर कर दिया, जिसके बाद अस्पताल परिसर में ही उसने बच्चे को जन्म दिया. परिजनों का कहना है कि नवजात जमीन पर गिर गया और करीब 25 मिनट तक कोई डॉक्टर या नर्स मौके पर नहीं पहुंची.
जच्चा और बच्चा दोनों की हालत नाजुक
फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार आईसीयू में जारी है. घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. मामले ने जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. गुरुवार रात प्रसव पीड़ा होने पर शुखबती बाई यादव को जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में लाया गया था. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने महिला को वार्ड से बाहर कर दिया.
गेट के बाहर ही हुआ प्रसव
इसी दौरान अस्पताल के मुख्य गेट/प्रसूति वार्ड के बाहर महिला का प्रसव हो गया और नवजात जमीन पर गिर गया. परिजनों का कहना है कि जन्म के बाद करीब 25 मिनट तक कोई डॉक्टर या नर्स नवजात को देखने नहीं पहुंची. समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चे की हालत बिगड़ गई. बाद में जच्चा और बच्चा दोनों को गंभीर अवस्था में आईसीयू में भर्ती कराया गया.
परिजनों में आक्रोश
घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है. उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है. वहीं इस घटना ने जिला अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
उमंग सिंघार ने किया ट्वीट
इस मामले में कांग्रेस नेता और विधान सभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंगार ने सवाल खड़े किए हैं ,उन्होंने ट्वीट कर सिस्टम की लापरवाही पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं.
विदिशा जिला अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाली बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। अस्पताल के दरवाजे पर ही एक गर्भवती महिला की डिलीवरी हो गई, लेकिन घोर लापरवाही के कारण नवजात शिशु 25 मिनट तक फर्श पर तड़पता रहा। परिजनों का आरोप है कि मौके पर न कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई नर्स,…
— Umang Singhar (@UmangSinghar) July 3, 2026