जेब से नहीं लगेगा एक भी पैसा! जानें सरकारी अस्पतालों में कौन-कौन से इलाज और टेस्ट हैं बिल्कुल मुफ्त
इन इलाजों का नहीं लगता है पैसा
Free Treatment In Government Hospitals: लगातार बढ़ती बीमारियों के कारण अब इलाज का खर्च भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है. ऐसे में हर व्यक्ति के लिए महंगे प्राइवेट अस्पतालों का भारी-भरकम खर्च उठा पाना मुमकिन नहीं होता. यही वजह है कि बहुत से लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का रुख करते हैं. हालांकि, आज भी बड़ी संख्या में लोग इस बात से अनजान हैं कि सरकारी अस्पतालों में कौन-कौन से इलाज बिल्कुल फ्री होते हैं. इसलिए, यदि आप भी सरकारी अस्पताल जाने की सोच रहे हैं, तो वहां मिलने वाली फ्री सुविधाओं और इलाज के बारे में पहले से ही पूरी जानकारी जरूर कर लें.
क्या डॉक्टर और दवाइयों के देने होंगे पैसे?
सरकारी हॉस्पिटल में इलाज कराने पर आपको डॉक्टर की फीस या ओपीडी (OPD) पर्चे के लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ता है. डॉक्टर द्वारा पर्चे पर लिखी गई जरूरी दवाइयां भी अस्पताल के मेडिकल स्टोर से बिल्कुल फ्री मिलती हैं. हालांकि, इसके लिए शर्त सिर्फ इतनी है कि वह दवाई उस समय अस्पताल के स्टॉक में उपलब्ध होनी चाहिए.
लैब टेस्ट होते हैं फ्री
- सरकारी अस्पतालों में लैब टेस्ट के लिए मरीजों से कोई पैसा नहीं लिया जाता है.
- इसके तहत यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट और स्टूल टेस्ट बिल्कुल फ्री किए जाते हैं.
- सिर्फ इतना ही नहीं, डॉक्टर की सलाह पर मरीजों के लिए एक्स-रे, ईसीजी (ECG) और अल्ट्रासाउंड जैसी बड़ी और जरूरी जांचें भी अस्पताल में बिना किसी खर्च के की जाती हैं.
कुछ हॉस्पिटल में बड़ी जांच भी फ्री में होती है
देश के प्रमुख और बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में जरूरत पड़ने पर सीटी स्कैन (CT Scan) और एमआरआई (MRI) जैसी महंगी और आधुनिक जांचें भी बिल्कुल फ्री की जाती हैं. हालांकि, यह एडवांस सुविधा इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस अस्पताल में हैं और वहां की राज्य सरकार ने क्या नियम व व्यवस्थाएं बनाई हैं.
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सरकारी स्कीम से फायदा मिलता है
यदि आपके पास आयुष्मान भारत (PM-JAY) कार्ड या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना की पात्रता है, तो आपको बहुत बड़ा फायदा मिल सकता है. योजना की शर्तों के मुताबिक, हॉस्पिटल में भर्ती होने पर आप 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करवा सकते हैं. इससे बीमारी के समय आपके परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है.