मंत्री लखन पटेल के पास अब केवल आनंद विभाग, कैसे करता है यह काम और क्या होती है जिम्मेदारी
Happiness Ministry: मध्य प्रदेश इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. पहली वजह यहां की दतिया विधानसभा सीट पर हो रहा उपचुनाव तो दूसरी वजह सीएम मोहन यादव का एक फैसला है. इस फैसले के तहत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया गया है. सीएम के इस फैसले के बाद अब लखन पटेल के पास केवल और केवल आनंद विभाग बचा है, जिसके वह मंत्री रहेंगे.
सीएम के इस फैसले के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर यह आनंद विभाग क्या है? जिसकी जिम्मेदारी लखन पटेल को सौंपी गई है. कई लोगों का मानना यह भी है कि लखन पटेल की ताकत को कम किया गया है. तो कई लोग इस बात की तरफ इशारा कर रहे हैं कि यह मंत्रिमंडल में बदलाव की शुरुआत है. बहरहाल हम आपको फिलहाल आनंद विभाग की जानकारी देंगे कि वह किस तरीके से काम करता है.
10 साल पहले बनाया गया था आनंद विभाग?
लखन पटेल के पास आनंद विभाग बचा है. कुल मिलाकर कहें तो उनके पास केवल अब एक ही विभाग की जिम्मेदारी बची है. बाकी विभागों की जिम्मेदारी सीएम मोहन यादव ने अपने पास रख ली है. जो विभाग पटेल को दिया गया है, उस तरह का विभाग बनाने वाला मध्य प्रदेश अकेला राज्य है. साल 2016 में आनंद विभाग की स्थापना की गई थी.
तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस विभाग को लोगों की जीवनशैली में पॉजिटिव बदलाव लाने के लिए बनाया था. मतलब यह कि विभाग का काम होगा कि वह प्रदेश के नागरिकों की मानसिक स्वास्थ्य, आंतरिक संतुलन और सकारात्मक जीवनशैली के लिए काम करेगा. पूर्व सीएम शिवराज के समय बनाया गया यह विभाग आज एक बार फिर मोहन यादव के कार्यकाल में चर्चा में आ गया है.
क्या काम करता है आनंद विभाग
आनंद विभाग योग, ध्यान, कृतज्ञता और पॉजिटिव सोच के जरिए लोगों को टेंशन फ्री रहने की तकनीक सिखाता है, यह कार्यक्रम प्रदेशभर के स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और गांवों तक पहुंचाए जाते हैं. इसके अलावा कई तरह के शिविर भी आयोजित किए जाते हैं.
कुल मिलाकर कहा जाए तो अब मंत्री लखन पटेल के पास कोई लोड वाला काम नहीं है. उन्होंने लोगों को टेंशन फ्री रहने के लिए काम करना है. सीएम मोहन यादव ने उन्हें यह जिम्मेदारी है. लेकिन इस बात की चर्चा भी हो रही है कि आखिर उनकी जिम्मेदारी कम क्यों की गई है.
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