Maihar News: गैस कनेक्शन होने के बावजूद चूल्हे पर बन रहा मिड-डे मील, खिचड़ी में मिली इल्लियां, पीएम पोषण योजना में बड़ी लापरवाही
गैस सिलेंडर के बाद भी चूल्हे में बन रहा मिड डे मील
Maihar News: मैहर जिले के कल्याणपुर माध्यमिक विद्यालय में पीएम पोषण योजना की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है. जहां सरकार ने धुएं से मुक्त रसोई के लिए गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया, वहीं आज भी 300 से अधिक बच्चों का मध्यान्ह भोजन लकड़ी के चूल्हे पर पकाया जा रहा है. इतना ही नहीं, बच्चों को परोसी गई खिचड़ी में इल्लियां मिलने और तय मेन्यू का पालन नहीं होने के आरोप भी सामने आए हैं.
चूल्हे पर 300 बच्चों का खाना बन रहा
ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्कूली बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित पीएम पोषण योजना मैहर के कल्याणपुर माध्यमिक विद्यालय में सवालों के घेरे में है. यहां 300 से ज्यादा बच्चों के लिए आज भी भोजन लकड़ी के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा है, जबकि विद्यालय में वर्षों पहले गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है.
रिकॉर्ड में गैस और जमीन पर धुआं
सरकारी रिकॉर्ड में गैस कनेक्शन और सिलेंडर की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है. जिम्मेदारों से सवाल पूछने पर अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं, लेकिन गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा, इसका स्पष्ट जवाब किसी के पास नहीं है. धुएं वाले चूल्हे पर खाना पकाने से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है. आंखों में जलन और श्वसन संबंधी बीमारियों से बचाने के लिए ही सरकार ने गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए थे, लेकिन योजना का उद्देश्य यहां अधूरा दिखाई दे रहा है.
मेन्यू का पालन भी नहीं हो रहा
मामला यहीं नहीं रुकता. विद्यालय में मध्यान्ह भोजन के तयcन नहीं किया जा रहा. बुधवार को बच्चों को चावल, चने की दाल और मिक्स सब्जी मिलनी थी, लेकिन उनकी थाली में सिर्फ खिचड़ी परोसी गई. सबसे गंभीर आरोप खिचड़ी की गुणवत्ता को लेकर हैं. बच्चों का कहना है कि भोजन में इल्लियां मिलीं. कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार उन्हें दूषित भोजन खाने के लिए मजबूर होना पड़ता है. यदि ये आरोप सही हैं, तो यह बच्चों के स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ है.
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कब होगी ठोस कार्रवाई?
अब सवाल निगरानी व्यवस्था पर भी उठ रहे हैं. गैस कनेक्शन होने के बावजूद चूल्हे पर खाना क्यों बन रहा है? तय मेन्यू का पालन क्यों नहीं हो रहा? और भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच आखिर कौन कर रहा है. सरकार पीएम पोषण योजना पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है ताकि बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिल सके. लेकिन मैहर के कल्याणपुर विद्यालय की तस्वीर कई सवाल खड़े करती है.
गैस कनेक्शन होने के बावजूद चूल्हे पर खाना बनना, मेन्यू का पालन न होना और भोजन की गुणवत्ता पर सवाल यह सब बताता है कि निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है. अब देखना होगा कि प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ नोटिस तक सीमित रहती है या जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई भी होती है.