टॉयलेट में मोबाइल ले जाने से हो सकती है गंभीर बीमारी, 35 साल तक कब्ज का इलाज कराने वाले बुजुर्ग में निकला ODS
सांकेतिक तस्वीर
बहुत से लोगों टॉयलेट में फोन ले जाने की आदत होती है. कई बार लोग लंबे समय तक टॉयलेट में फोन लेकर लंबे समय तक वहीं बैठे रहते है और फोन चलाते रहते हैं. लेकिन अनजाने में इस उनकी इस हरकत से वह गंभीर बीमारी का शिकार हो सकते है. हाल ही एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें करीब 20 साल तक 70 वर्षीय बुजुर्ग कब्ज की दवाइयां खाते रहे, लेकिन आराम नहीं मिला। उन्हें आईबीएस (IBS-C) का मरीज मानकर इलाज चलता रहा.
स्पेसिफिक जांच में हुआ खुलासा
लेकन बाद जब स्पेसिफिक जांच हुई तो पता चला की अलसी वजह कब्ज नहीं, बल्कि टॉयलेट में लंबे समय तक बैठने और बार-बार जोर लगाने से विकसित हुआ ऑब्स्ट्रक्टेड डिफिकेशन सिंड्रोम (ODS) था. सबसे ज्यादा डराने वाली बात ये है कि ये आदम युवाओं में बढ़ती जा रही है. अगर आपकी भी आदत टॉयलेट में बैठकर फोन चलाने की है तो ये खबर आपको सावधान करने के लिए है.
खतरनाक है ये आदत
ये आदत आपको धीरे-धीरे गंभीर बीमारी की तरफ धकेल देती है, जिसका इलाज महंगी दवाइयों से लेकर विशेष थेरेपी तक पहुंच सकता है. गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव रघुवंशी के मुताबिक समस्या मोबाइल से नहीं, बल्कि मोबाइल देखते हुए टॉयलेट सीट पर लंबे समय तक बैठे रहने से होती है.
डॉ. रघुवंशी बताते है कि…
दैनिक भास्कर से बात करते हुए डॉक्टर रघुवंशी ने बताया कि इससे शरीर का प्राकृतिक मलत्याग (बॉवेल) रिफ्लेक्स प्रभावित होता है और कब्ज की शुरुआत हो जाती है. लगातार लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठे रहने से मलाशय (रेक्टम) और गुदा (एनस) की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है
धीरे-धीरे व्यक्ति सामान्य से अधिक जोर लगाने लगता है। इससे दोनों मांसपेशियों के बीच तालमेल बिगड़ जाता है और ऑब्स्ट्रक्टेड डिफिकेशन सिंड्रोम जैसी गंभीर स्थिति विकसित हो सकती है.
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