EPFO अकाउंट में नॉमिनी का नाम दर्ज नहीं है तो किसे मिलेगा PF का पैसा? जानें नियम

EPFO PF Rules Without Nominee: EPFO अपने हर ग्राहक से अपील करता है कि EPF अकाउंट खुलवाते समय नॉमिनी में किसी एक व्यक्ति का नाम जरूर दर्ज करें, ताकि खाताधारक के बाद अकाउंट की पूरी राशि नॉमिनी को मिल सके. ऐसे में आइए जानते हैं कि अगर किसी खाताधारक ने अकाउंट खुलवाते समय नॉमिनी का नाम दर्ज नहीं किया था, तो उसकी मृत्यु के बाद यह पैसा किसे मिलेगा.
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नॉमिनी का नाम न होने पर किसे मीलेगा पैसा

No Nominee PF Money Rule: देशभर के लगभग सभी सरकारी कर्मचारियों का अकाउंट EPFO में खुला है. हर महीने कर्मचारियों की सैलरी से कुछ हिस्सा एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) अकाउंट में जमा होता है. यह राशि कर्मचारियों के बुढ़ापे और आर्थिक तंगी में काम आती है. इसके अलावा, जब भी कोई कर्मचारी रिटायर होता है, तो उसे EPF स्कीम के तहत मिलने वाले सभी फायदों को जोड़कर अकाउंट में जमा राशियां दे दी जाती हैं.

EPFO अपने हरग्राहक से अपील करता है कि EPF अकाउंट खुलवाते समय नॉमिनी में किसी एक व्यक्ति का नाम जरूर दर्ज करे, ताकि खाताधारक के बाद अकाउंट की पूरी राशि नॉमिनी को मिल सके. ऐसे में आइए जानते हैं कि अगर किसी खाताधारक ने अकाउंट खुलवाते समय नॉमिनी का नाम दर्ज नहीं किया था, तो उसकी मृत्यु के बाद यह पैसा किसे मिलेगा.

नॉमिनी का नाम दर्ज नहीं है तो किसे मिलेंगे पैसे?

  • अगर किसी कारणवश खाताधारक की मृत्यु हो जाती है और उसने नॉमिनी में किसी भी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं किया था, तो अकाउंट में जमा राशि पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. इस रकम को पाने के लिए कई कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है.
  • EPFO के नियमों के अनुसार, यदि किसी खाताधारक ने EPFO अकाउंट में नॉमिनी का नाम दर्ज नहीं किया था, तो उसकी मृत्यु के बाद परिवार के सभी सदस्यों को EPF का फायदा बराबर हिस्सों में मिलता है.
  • वहीं अगर खाताधारक का कोई परिवार, सदस्य या वारिस नहीं है, तो PF की राशि उस व्यक्ति को मिलेगी, जो कानूनी तौर पर इसे पाने का हकदार होगा.
  • बता दें कि अगर EPFO अकाउंट में नॉमिनी का नाम दर्ज है, तो नियमों के अनुसार, 7 दिनों के अंदर खाते में जमा राशि का पूरा पैसा नॉमिनी व्यक्ति को मिल जाता है. लेकिन वहीं अगर PF अकाउंट में नॉमिनी का नाम दर्ज नहीं है, तो इसके लिए लंबा समय लग सकता है और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा.

क्लेम नहीं किया तो अकाउंट इनऑपरेटिव हो जाएगा

EPFO ने साफ कहा है कि यदि किसी अकाउंट में तीन साल तक कोई भी दावा (क्लेम) नहीं किया जाता है, तो वह ‘इनऑपरेटिव’ हो जाता है. ऐसे में EPFO ग्राहकों को यह सलाह देता है कि अकाउंट में जमा राशि और उससे जुड़े सभी लाभ पाने के लिए मृत व्यक्ति के वारिस या नॉमिनी तय समय के भीतर क्लेम करें, ताकि उन्हें सभी वित्तीय लाभ समय पर मिल सकें.\

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परिवार का सदस्य कौन है?

  • पुरुष कर्मचारी के लिए- उनकी पत्नी, बच्चे (शादीशुदा हों या कुंवारे), माता-पिता और अगर बेटे की मृत्यु हो चुकी है तो उसकी पत्नी और उसके बच्चे.
  • महिला कर्मचारी के लिए- उनके पति, सास-ससुर, बच्चे (शादीशुदा हों या कुंवारे), खुद के माता-पिता, और दिवंगत बेटे की पत्नी व बच्चे.

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