Ladli Behna Yojana 39th Kist: रक्षाबंधन पर आएगी लाडली बहना की 39वीं किस्त? चेक कर लें ये जरूरी चीजें
Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं को लाडली बहना योजना की 39वीं किस्त का इंतजार है. सरकार की ओर से अभी तक किस्त जारी करने की आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है. इस बार भी पात्र महिलाओं के खाते में 1500 रुपये आने की उम्मीद है. इसी बीच करीब 7 लाख महिलाओं के नाम योजना से हटाए जाने की चर्चा ने चिंता बढ़ा दी है. हालांकि, नाम काटे जाने के इस आंकड़े की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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अभय वर्मा
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Last Updated: Aug 14, 2026 01:50 PM IST
राज्य सरकार ने लाडली बहना योजना की 39वीं किस्त जारी करने की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं की है. मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही जल्द पात्र महिलाओं के खातों में राशि भेजने की बात कह चुके हैं. योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. अगली किस्त भी पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी.
रक्षाबंधन के आसपास 39वीं किस्त जारी किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि करीब 7 लाख महिलाओं के नाम लाडली बहना योजना की सूची से हटाए गए हैं. हालांकि, सरकार ने अभी इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं है, उन्हें योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है. इसलिए किस्त आने से पहले अपनी ई-केवाईसी की स्थिति जरूर जांच लें.
योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है. परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक होने या अन्य निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर नाम सूची से हटाया जा सकता है.
यदि परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या परिवार आयकर के दायरे में आता है तो योजना की पात्रता प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा निर्धारित नियमों के अनुसार वाहन और जमीन से जुड़ी शर्तें भी लागू होती हैं.
लाडली बहना योजना में निर्धारित आयु सीमा के तहत पात्र महिलाओं को ही लाभ दिया जाता है. उम्र 60 वर्ष से अधिक होने पर लाभार्थी का नाम सूची से हटाया जा सकता है.
लाभार्थी की मृत्यु होने, सरकारी नौकरी मिलने, योजना से स्वेच्छा से बाहर होने, दस्तावेजों का सत्यापन नहीं होने या आवेदन में गलत जानकारी पाए जाने पर भी लाभ बंद किया जा सकता है.
अगर पात्र होने के बावजूद आपका नाम सूची से हट गया है तो पहले ई-केवाईसी, आवेदन में दर्ज जानकारी और दस्तावेजों की जांच करें. सबकुछ सही होने पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत कर सकते हैं. इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है.