एक पैर, लेकिन हौसले बुलंद… ना बैसाखी-ना ट्राईसाइकिल, कूदते हुए स्कूल जाने को मजबूर बलिया की मासूम, Video

Ballia Disabled Girl Struggle: बलिया जिले में एक 7 साल की मासूम छात्रा एक पैर से कूदते हुए स्कूल जाने पर मजबूर है. हालांकि, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर ने मदद का आश्वासन दिया है.
Ballia Disabled Ragini School Struggle

ना बैसाखी-ना ट्राईसाइकिल, कूदते हुए स्कूल जाने को मजबूर बलिया की मासूम

School Journey Single Leg: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले एक 7 साल की बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो देखकर लोग बच्ची के जज्बे की सराहना कर रहे हैं. क्योंकि बच्ची एक पैर से लाचार होने के बावजूद भी स्कूल जाना नहीं छोड़ा. वह एक पैर से कूद-कूदकर स्कूल जाती है. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है.

दरअसल, यह मामला बलिया जिले के मनियर ब्लॉक अंतर्गत दिघेड़ा ग्राम सभा के रानीपुर गांव का है. जहां 7 साल की एक बच्ची एक पैर से अपने स्कूल जाने को मजबूर है. सोशल मीडिया पर बच्ची का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाई दे रहा है कि वह एक पैर से कूद-कूदकर स्कूल जा रही है.

एक पैर से स्कूल जाने को मजबूर छात्रा

इस मामले में प्रशासन की भी बड़ी लापरवाही उजागर हुई है, क्योंकि बच्ची का हादसे में एक पैर खराब हो गया था, तो उसके बाद न तो बच्ची का अच्छे से इलाज हो सका और न ही उसे बैसाखी मिल पाई. जिसकी वजह से वह प्रतिदिन एक पैर से कूदते हुए स्कूल जाने के लिए मजबूर है.

कलेक्टर ने दिया मदद का आश्वासन

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब बच्ची ने जिला कलेक्टर से ट्राइसाइकिल की मांग की है. वहीं, मामले को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने दिव्यांग अधिकारी और डॉक्टरों की टीम को मौके पर भेजकर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. कलेक्टर ने भरोसा दिया है कि बच्ची की पढ़ाई में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं आएगी.

ये भी पढ़ेंः योगी सरकार के मंत्री जयवीर सिंह सरकारी आवास में किए गए आइसोलेट, स्वाइन फ्लू H1N1 से हैं संक्रमित

6 महीने की उम्र में पैर में आई थी चोट

बता दें, बच्ची का पैर जब वह पैदा हुई थी. उसके 6 महीने के अंदर ही सड़क दुर्घटना के दौरान बुरी तरह से डैमेज हो गया था. लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से इलाज नहीं हो पाया. जिसकी वजह से बच्ची को आज तक एक पैर उठाकर चलना पड़ रहा है.

ज़रूर पढ़ें