Mauganj: सीधी बॉर्डर पर कैमूर घाटी में बारिश बनी आफत, सैकड़ों फीट गहरी खाई के पास धंसी सड़क, प्रशासन ने सील किया रास्‍ता

Mauganj News: कैमूर घाटी में सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया. भारी बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हुई और सड़क का किनारा भरभराकर खाई में समा गया.
Road caved in

सड़क धंसी

Mauganj News: मऊगंज और सीधी जिले की सीमा पर स्थित कैमूर घाटी इन दिनों भयावह हालात का सामना कर रही है. लगातार हो रही बारिश ने घाटी की सड़क को इस कदर नुकसान पहुंचाया है कि उसका बड़ा हिस्सा गहरी खाई में समा चुका है. सड़क के नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई और ऊपर दरकती हुई जमीन किसी बड़े हादसे का संकेत दे रही है. इसके बावजूद मासूम बच्चों का धंसी हुई सड़क के किनारे पहुंचने का वीडियो सामने आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.

धरती का ऐसा जख्म जिसने निगल ली पूरी सड़क

कैमूर घाटी में सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया. भारी बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हुई और सड़क का किनारा भरभराकर खाई में समा गया. जहां कभी वाहन दौड़ते थे, वहां अब मौत का गहरा गड्ढा दिखाई दे रहा है. सड़क की स्थिति इतनी खतरनाक है कि विशेषज्ञ भी किसी भी समय और अधिक भूस्खलन की आशंका जता रहे हैं.

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में कुछ बच्चे धंसी हुई सड़क के बेहद करीब नजर आ रहे हैं. वीडियो देखने वालों की सांसें थम जा रही हैं. एक छोटी सी चूक, एक फिसलन या जमीन का एक और हिस्सा खिसकना किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकता है. सवाल यह है कि जब प्रशासन ने इस क्षेत्र को खतरनाक घोषित कर दिया था, तब बच्चे वहां तक पहुंचे कैसे?

प्रशासन की कार्रवाई, लेकिन सवाल अभी भी बरकरार

वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल पूरे मार्ग को सील कर दिया गया. बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही रोक दी गई है. पुलिस और प्रशासनिक अमला लगातार निगरानी कर रहा है. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बैरिकेडिंग लगा देने से खतरा खत्म नहीं हो जाता. यदि सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत होती तो बच्चे इतनी खतरनाक जगह तक पहुंच ही नहीं पाते.

स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी

कैमूर घाटी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भय का माहौल है. लोगों का कहना है कि सड़क का बाकी हिस्सा भी लगातार दरक रहा है और किसी भी समय और बड़ा हिस्सा धंस सकता है. ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से इस सड़क की मजबूती और सुरक्षा को लेकर शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया. अब जब सड़क मौत की घाटी में बदल चुकी है, तब प्रशासन सक्रिय दिखाई दे रहा है.

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