UPI Charge पर सरकार लोगों को अपनी बात नहीं समझा पाई? क्या था ज्योतिरादित्य सिंधिया का जवाब
UPI चार्ज को लेकर क्या बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया
Jyotiraditya Scindia on Vistaar News: ग्वालियर में ‘ग्वालियर विस्तार सम्मान’ के आयोजन में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने विस्तार न्यूज के एडिटर इन चीफ ज्ञानेंद्र तिवारी और ग्रुप एडिटर ब्रजेश राजपूत के हर सवालों का बड़ी ही बेबाकी के साथ जवाब दिया. पढ़ें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क्या कहा?
पानी की योजना पर मेरा अभी सुखद अनुभव नहीं रहा है. पानी की विस्तारीकरण योजना ले आया था, करीब 8-10 साल पहले. लेकिन आज तक शुरू नहीं हो सकी. इसलिए हम खुद अंदर जाकर देखने पहुंच गए और पाइप में घुस गए. मार्च 2027 तक यह योजना ग्वालियर के लिए चंबल से पानी लाने की पूरी हो जाएगी. इस दौरान उन्होंने ग्वालियर से करीब 10-12 हजार बच्चे प्रतिवर्ष निकलते हैं. हमारा फोकस अब उनके रोजगार पर है. ग्वालियर की धरती पर अक्टूबर के महीने में ही 24 भूमिपूजन किए जाएंगे.
यूपीआई को लेकर क्या बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया?
मैं यह समझाना चाहता हूं कि पूरे विश्व में इतने बड़े पैमाने पर डिजिटल पेमेंट्स का नवाचार नहीं किया है. पहली बार किसी देश ने डिजिटल पेमेंट्स को लेकर नवाचार किया है. हर महीने 2,415 करोड़ ट्रांजेक्शन किया जाता है. 30 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन महीने में किए जाते हैं. हर पेमेंट्स सिस्टम का चार्ज होता है. उदाहरण के तौर पर क्रेडिट कार्ड ही देख लीजिए. क्रेडिट कार्ड का चार्ज 1.5 से लेकर 2.5 प्रतिशत तक का चार्ज लिया जाता है, लेकिन वह आपसे नहीं, बल्कि मर्चेंट से लिया जाता है.
उन्होंने आगे कहा, यूपीआई चार्ज केवल मर्चेंट से लिया जाएगा. उपभोक्ता या ग्राहक से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. 2,000 रुपए तक मर्चेंट से भी कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा. 2,000 से लेकर 75,000 रुपए के पेमेंट्स पर सिर्फ 0.4 प्रतिशत चार्ज किया जाएगा. इसके ऊपर फ्लैट 300 रुपए चार्ज किया जाएगा. चाहे वह 75,000 हो या फिर 1 लाख रुपए.
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चार्ज लेने की जरूरत क्यों पड़ी?
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि किसी भी व्यवस्था को चलाने के लिए खर्च लगता है. यूपीआई से 360 लाख करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन हो रहे हैं, तो इसमें भी काफी खर्च आता है. उस पर भारत सरकार 20,000 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष खर्च कर रही है. सरकार भले ही यूपीआई पेमेंट्स पर चार्ज शुरू कर दिया, लेकिन यह यूपीआई को चलाने वाले खर्च को पूरा नहीं कर पाएगा.