क्या एक परिवार की 2 महिलाओं को मिलता है लाडली बहना योजना का पैसा? जानें क्या कहते हैं नियम
Ladli Behna Yojana Rules: मध्य प्रदेश की लाडली बहनों को अब 41वीं किस्त का इंतजार है. पात्र महिलाओं को सितंबर में 40वीं किस्त की राशि खाते में मिल चुकी है. मध्य प्रदेश में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाडली बहना योजना सबसे लोकप्रिय पहल रही है. योजना के तहत हर महीने बहनों के खातों में 1500 रुपये ट्रांसफर की जाती है.
Written By : अभय वर्मा
Updated: October 05, 2026 03:52 PM IST
लाडली बहना योजना में महिलाओं को एक बात का हमेशा भ्रम बना रहता है कि क्या एक ही परिवार की दो या फिर उससे ज्यादा महिलाओं को लाभ मिल सकता है या नहीं?
प्रदेश सरकार के आधिकारिक नियम कहते हैं कि यदि परिवार की एक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठाना चाहती है तो उन्हें योजना के नियमों और तय मापदंडों को पूरा करना होता है. इन नियमों को पूरा करने के बाद एक ही परिवार की एक से ज्यादा महिलांए लाभ उठा सकती हैं.
योजना के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पात्रता का निर्धारण महिला की अपनी व्यक्तिगत पहचान और उसके राशन कार्ड में दर्ज परिवार के आधार पर होता है.
यदि एक ही परिवार की महिलाओं को लाभ लेना है. सास और बहुएं या फिर देवरानी-जेठानी हो जो परिवार की अलग-अलग समग्र आईडी के तहत आती हो या फिर परिवार में योजना की सभी शर्तें पूरी की गई हो, तो वे अलग-अलग योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं.
योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच हाेनी चाहिए. इसके साथ ही महिला की शादी हाेना भी अनिवार्य है, जिसके चलते विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को भी शामिल किया जा सके.
सबसे जरुरी बात है कि अविवाहित महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलता है. यदि परिवार में सास बहुएं या देवरानी-जेठानी योजना के तहत आयु सीमा और वैवाहिक नियमों का पालन करती हैं तो वे योजना का लाभ ले सकती हैं.
लाडली बहना योजना का लाभ महिलाओं को तब ही मिलेगा, जब परिवार की वार्षिक आय 2.4 लाख रुपये से कम हो या परिवार के पास 5 एकड़ से अधिक जमीन न हो. इसके साथ ही परिवार में कोई भी सदस्य आयकरदाता या फिर सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए.
परिवार में आवेदन करनी वाली यदि दो महिलाएं हैं तो दोनों महिलाओं का अपना व्यक्तिगत बैंक खाता होना जरुरी है. संयुक्त बैंक खाते में योजना का पैसा नहीं मिलेगा. इसके साथ ही महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक होना चाहिए और डीबीटी एक्टिव होना बेहत जरुरी है. वहीं समग्र आईडी और आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि एक समान होनी चाहिए, जिससे ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो सके.