रिटायर्ड IAS हत्याकांड: 22 दिन बाद भी आरोपी का सुराग नहीं, IAS एसोसिएशन ने CM मोहन यादव से की मुलाकात, SIT गठित
IAS एसोसिएशन ने सीएम से की मुलाकात
Bhopal News: भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में वारदात के करीब 22 दिन बाद भी आरोपी वरुण कुमार का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है. मामले में मध्य प्रदेश IAS एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर SIT गठित करने की मांग की. एसोसिएशन ने कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, बड़े आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी. अब पुलिस ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है.
पांच सदस्यीय टीम करेगी जांच
पुलिस मुख्यालय से अनुमोदन के बाद गठित SIT की अध्यक्षता एआईजी उमेश तिवारी करेंगे. टीम में अपराध शाखा के एसीपी चंद्रभान सिंह चढ़ार, उपनिरीक्षक पारस सोनी, रातीबड़ थाने के उपनिरीक्षक ओपी रघुवंशी और अपराध शाखा के टेक्निकल सेल में पदस्थ आरक्षक निलेश वर्मा को शामिल किया गया है. जांच दल को हर सप्ताह विवेचना की प्रगति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देनी होगी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवानिवृत्त IAS अधिकारी श्री राकेश अग्रवाल की हत्या के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण की जांच भोपाल पुलिस द्वारा की जा रही है। इस संबंध में आज मध्य प्रदेश IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट भी की। @DrMohanYadav51 @mohdept #CMMadhyaPradesh
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) October 21, 2026
CM से मुलाकात कर उठाए थे सवाल
IAS एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की. एसोसिएशन ने आशंका जताई कि हत्या के पीछे लूट के अलावा कॉन्ट्रैक्ट किलिंग या बड़े आर्थिक लेन-देन की भूमिका भी हो सकती है. प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में जांच कराने और अकेले रहने वाले सेवानिवृत्त अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की. मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया.
30 सितंबर को बंगले में मिला था शव
राकेश अग्रवाल का शव 30 सितंबर की सुबह भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजनगर के बंगले में मिला था. धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या की गई थी. घर की अलमारियों के ताले टूटे मिले थे और जेवरात, नकदी व मोबाइल फोन गायब थे. पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से दो दिन पहले, 27 सितंबर को पंजाब के नाभा निवासी वरुण कुमार को केयरटेकर रखा गया था. वारदात के बाद से वह फरार है. अब SIT आरोपी की तलाश के साथ हत्या के पीछे की वजह और अन्य संभावित कड़ियों की जांच करेगी.
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