उमर अब्दुल्ला के खिलाफ हुए उनके ही विधायक! क्‍या कर देंगे बगावत? जान लीजिए नाराजगी की वजह

Jammu Kashmir politics: जम्मू कश्मीर सरकार से उनके कुछ विधायक नाराज चल रहे हैं. यही वजह है कि उन सभी अलग बैठक कर सरकार के सामने अपनी बात रखने का फैसला किया है.
Omar Abdullah

उमर अब्दुल्ला

Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में अपनी कैबिनेट का विस्तार किया था. जिसमें उन्‍होंने कई बदलाव किए थे. हालांकि उनके यह बदलाव उनकी पार्टी के विधायकों को पसंद नहीं आए हैं. यही वजह है कि उन्‍होंने अलख रुख अख्‍त‍ियार कर लिया है. पार्टी के करीब 24 विधायक नेतृत्व के फैसलों से नाराज बताए जा रहे हैं. नाराज विधायकों ने शुक्रवार को श्रीनगर में एक बंद कमरे में बैठक की. जिसमें अपनी मांगों को लेकर रणनीति तैयार की. विधायकों की इस मीटिंग के बाद सीएम उमर के माथे पर चिंता की लकीरें खींचना लाजमी है.

नाराज विधायकों में से 18 नेता शुक्रवार शाम विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर जुटे थे. वहीं, छह अन्य विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए. इस तरह कुल 24 विधायकों ने एकजुट होकर पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी रखने का फैसला किया. इस गुट में कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र, दोनों जगहों के विधायक शामिल हैं.

क्या है नाराज विधायकों की मांग?

बैठक में विधायकों ने एक प्रस्ताव तैयार किया. इसमें मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी को पद से हटाने की मांग की गई. इसके अलावा उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी को मंत्रिमंडल से बाहर करने की मांग भी उठाई गई. नाराज विधायकों का कहना है कि सरकार और पार्टी में कुछ लोगों का प्रभाव जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है. जबकि निर्वाचित विधायकों की बातों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा.

विधायकों ने उन मंत्रियों को हटाने की मांग भी की है, जो सरकार में दो साल पूरे कर चुके हैं. साथ ही पूरे मंत्रिपरिषद में नए सिरे से बदलाव करने और विधायकों को ज्यादा जिम्मेदारी देने की बात कही गई है. वे पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को लागू करने के लिए स्पष्ट योजना भी चाहते हैं.

कैबिनेट विस्तार से बढ़ी नाराजगी

दरअसल, 27 अक्टूबर को उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था. इसमें चार नए मंत्रियों को जगह मिली, लेकिन कई वरिष्ठ विधायक मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे थे. उन्हें मौका नहीं मिलने से पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ गया. फिलहाल इन विधायकों ने पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है. उनका कहना है कि वे पार्टी को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत करना चाहते हैं.

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