मान्यता है कि श्राद्ध के दौरान पूर्वजों की पसंद के भोजन को भोग में शामिल करना शुभ माना जाता है. पितरों को भोजन अर्पित करने के लिए कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं. इनमें उड़द की दाल का विशेष महत्व बताया गया है.
Crop Damage Compensation: ओलावृष्टि, बिजली गिरने, भूस्खलन या बेमौसम बारिश जैसी स्थानीय आपदा में अगर सिर्फ एक किसान के खेत को नुकसान हुआ है, तो उसी खेत का सर्वे किया जा सकता है. इसके लिए पूरे गांव में नुकसान होना जरूरी नहीं है.
Bharat ABIS: ABIS का मतलब है ऑटोमेटेड बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम. यह मल्टी-मोडल प्लेटफॉर्म है. इसमें फिंगरप्रिंट, आंख की पुतली और चेहरे को मिलाकर 13.5 KB का एक टेंपलेट बनाया जाता है. इस टेंपलेट को पुराने रिकॉर्ड से मिलाकर चेक किया जाता है कि व्यक्ति का आधार पहले से मौजूद तो नहीं है.
छत्तीसगढ़ के चर्चित झीरम कांड मामले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कुछ दिन पहले यह खबर थी कि छत्तीसगढ़ के कुछ नेता राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात करेंगे और झीरम कांड को लेकर चर्चा करेंगे. वहीं अब कांग्रेसी नेताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की है, जिसमें उन्होंने इस पूरे मामले के फैसले की जानकारी ली.
एक बार फिर अचानक मौसम ने अपना मिजाज बदल दिया है. छत्तीसगढ़ में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है. वहीं कई जिलों में तेज बारिश के कारण पानी घरों में घुस रहा है. लगातार होती भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.
New Rules 1 October 2026: 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले LPG के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी होगा. e-KYC नहीं कराने पर सिलेंडर तो मिलेगा पर सब्सिडी नहीं मिलेगी. तब बाजार भाव पर भुगतान करना होगा. इसलिए समय पर गैस एजेंसी जाकर e-KYC करा लें.
Ramayana New Poster: जारी किए गए पोस्टर में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में बहुत ही शांत दिखाई दे रहे हैं. उनके चेहरे पर साहस और संयम साफ झलक रहा है. वहीं माता सीता के किरदार में साई पल्लवी की सादगी, पवित्रता और हिम्मत देखने को मिल रही है.
3 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 2 मिनट पर केतु मघा नक्षत्र के पहले चरण में प्रवेश करेंगे. इस समय केतु अपनी ही राशि में रहेंगे. ज्योतिष मान्यता के अनुसार इस बदलाव का असर लोगों के पैसे, परिवार, रिश्तों, फैसले लेने की क्षमता और मन की स्थिति पर पड़ सकता है.
Shatabdi Express History: आपने कभी न कभी शताब्दी एक्सप्रेस का नाम जरूर सुना होगा. यह एक सुपरफास्ट ट्रेन होती है. इस ट्रेन में अक्सर वही सफर करता है, जो कम समय में लंबी दूरी तय करना चाहता है. शताब्दी ट्रेन की स्पीड बाकी ट्रेनों से कहीं ज्यादा होती है. यह ट्रेन अपनी तेज रफ्तार के साथ-साथ बेहतरीन सुविधाओं के लिए भी जानी जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस ट्रेन का नाम 'शताब्दी एक्सप्रेस' कैसे पड़ा. आप सोच रहे होंगे कि इसका नाम बिना किसी खास वजह के ही रख दिया गया होगा, लेकिन आप गलत हैं. दरअसल, इसका नाम देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से जुड़ा हुआ है. आइए जानते हैं कि शताब्दी एक्सप्रेस का नाम कैसे और क्यों पड़ा.
इन दिनों देशभर में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है. SIR में हुई धांधली के चलते अब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. इसके अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर 2026 से फिर से धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है.