West Bengal CM Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद सरकार बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने ऐलान किया कि 9 मई को शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
BJP MLA Kalika Maji Story: कलिका ने तमाम राजनीतिक दिग्गजों और संसाधनों की कमी के बावजूद विधायक बनने का सपना पूरा कर लिया. कलिका अब भाजपा से विधायक हैं. उन्होंने ऑसग्राम (एससी) सीट से चुनाव जीता है.
Richest MLA in West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में इस बार मुस्लिम और महिला विधायकों की संख्या कम हो गई है. इसके साथ ही बीजेपी के दिलीप साहा प्रदेश के सबसे अमीर विधायक हैं.
Tamil Nadu Assembly Election Result: टीवीके की जीत के साथ ही तमिलनाडु विधानसभा की तिरुप्पत्तूर विधानसभा सीट भी सुर्खियों में आ गई. वजह है जीत का अंतर. तिरुप्पत्तूर सीट से टीवीके के प्रत्याशी रहे सीनिवास सेतुपति आर ने डीएमके के मंत्री के.आर. पेरियाकरुप्पन को 1 वोट के अंतर से हरा दिया.
Bengal BJP CM Face: बंगाल में सीएम फेस को लेकर एक तरफ ममता बनर्जी को चुनाव हराने वाले सुवेंदु अधिकारी के नाम की चर्चा है, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ अन्य नेता भी इस रेस में शामिल हैं.
Sunetra Pawar Baramati by election: महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की है. यहां अन्य प्रत्याशियों को कुल मिलाकर 5 हजार ही वोट मिले हैं.
West Bengal Election Result: चुनाव नतीजों के बाद पीएम मोदी ने कहा कि सालों पुरानी साधना आज जाकर सफल हुई है.इसके लिए हर बीजेपी कार्यकर्ता को बधाई. उनकी मेहनत के कारण ही यह सफल हो पाया है.
अमित शाह ने कहा, 'भाजपा की शून्य से आज प्रचंड बहुमत तक पहुंचने की इस कठिन यात्रा में जिन कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी, हिंसा झेली, यातनाएं सहीं और फिर भी विचारधारा के पथ से डिगे नहीं, उन सभी कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों को नमन करता हूं.'
Bjp Shyama Prasad Mukherjee: भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दो सपनों को पूरा कर लिया है. इनमें बंगाल में सरकार बनाना और कश्मीर से 370 हटाना शामिल है.
बीजेपी की अटल सरकार जाने के बाद 2004 में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए ने केंद्र में सरकार बनाई थी. तब वामदल किंग मेकर की भूमिका में थे. लेकिन आज संसद में भी वामदलों के सांसदों की संख्या बेहद सीमित हो गई है, जिसमें आगे चलकर सुधार की संभावना कम नजर आती है.