Jabalpur Shahpura Toll Plaza: जबलपुर और भोपाल के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने 27 सितंबर दोपहर 12 बजे के बाद शहपुरा टोल प्लाजा से टोल वसूलने पर अस्थायी रोक लगा दी है. वाहन चालक इसे रोकने की लंबे वक्त से मांग कर रहे थे.
सोनी लिव की चर्चित और बिहार की राजनीति पर आधारित वेब सीरीज ‘महारानी’ की टीम ने मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में डेरा डाल लिया है.
Jabalpur: वह बाराहघाट इलाके की राधावाटिका गली में स्थित गुरुकृपा कुंज नाम की बिल्डिंग में रहता था. इसी बिल्डिंग में प्रेमानंद जी महाराज के करीब 50 अन्य सेवक भी रहते हैं. दीपक यहां रहकर आश्रम के बिजली संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभालता था और सेवादार के तौर पर काम करता था.
मंडला जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर एक हॉस्टल के कुछ सीनियर छात्रों ने छठवीं कक्षा के छात्रों की हथेलियों पर जलते हुए अंगारे रख दिए.
MP High Court Decision: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 5 साल के बच्चे की कस्टडी को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. बच्चे की पसंद पर न्यायालय ने मां को कस्टडी सौंपी है. इसके साथ ही हाई कोर्ट ने माता-पिता को फटकार भी लगाई है.
Mandla News: मध्य प्रदेश के मंडला में दर्दनाक हादसा हो गया. गणेश पंडाल में करंट की चपेट में आने से 4 युवकों की मौत हो गई. तीन लोग घायल हैं. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. गणेश प्रतिमा विसर्जन के बाद 7 से 8 युवक पंडाल में सो रहे थे. इसी दौरान हादसा हुआ.
Mandala: मंडला नगर पालिका के सीएमओ को 2 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है. आइए जानते है क्या है पूरा मामला.
Jabalpur: देश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' का क्रियान्वयन किया जा रहा है. इस राष्ट्रीय मिशन में मध्यप्रदेश को विशेष रूप से शामिल किया गया है.
Madhya Pradesh Kisan: बुवाई से लेकर फसल की वृद्धि एवं कटाई तक उन्हें कृषि अधिकारियों द्वारा उन्हें तिल की फसल में अपनाई जाने वाली वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की जानकारी लगातार दी जाती रही है. खेत में उचित दूरी पर पौधा स्थापना, खरपतवार नियंत्रण, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट एवं रोगों की स्थिति पर नियमित निगरानी रखने के संबंध में समझाइश दी गई
Jabalpur News: कोर्ट ने पाया कि कंपनी की तकनीकी बोली पहले ही खारिज हो चुकी थी और इस अस्वीकृति को चुनौती देने के लिए याचिका में जरूरी संशोधन नहीं किया गया था.