मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां सामान्य दिनों में 10 से 15 जून के बीच मानसून पहुंचता है. लेकिन इस बार लेट होने के कारण इसके 18 से 20 जून को पहुंचने की संभावना है.
कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि जिन क्षेत्रों में पेयजल की गंभीर समस्या है, वहां सरकार हैंडपंप तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है. ग्रामीण महिलाएं और बच्चे रोजाना कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार जनता की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में असफल रही है.
पुलिस ने बताया कि गौवंशों को बेहद बुरी स्थिति में रखा गया था. मवेशियों के खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी. सही से खाना-पीना ना मिलने से गौवंश बेहद कमजोर हो गए.
बीती रात मजदूर खेत में ट्रैक्टर-ट्रॉली में भूसा भरने का काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक से तेज आंधी-तूफान और बारिश शुरू हो गई. मौसम इतना खराब था कि भूसे से लदी ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई.
ग्रामीणों ने प्रशासन से हैंडपंप और नल-जल योजना का लाभ पहुंचाने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले बरसात के दिनों में फिर हजारों लोग दूषित पानी पीने को मजबूर होंगे.
बरांव मोड़ चौराहे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने की पहल की गई. प्रशासन की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है. लेकिन लोगों का कहना है कि स्थाई समाधान की जरूरत है.
25 से नौतपा शुरू हुआ था. शुरुआती 5 दिन भीषण गर्मी का दौर देखा गया. दिन में हीटवेव और रात में भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान किया. हालांकि अब बीच नौतपा में मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया है. मौसम विभाग के मुताबिक अब अगले 4-5 दिन आंधी-बारिश की संभावना है.
बुंदेलखंड हमेशा से वीरता और आत्मसम्मान की कहानियों के लिए जाना जाता है. ये कहानी भी आत्मसम्मान से जुड़ी हुई है. ये कहानी है बुंदेलखंड के 'दशरथ मांझी' की. आइए जानते हैं.
भोपाल से पहली बार एसीआर का मामला कैट पहुंचा , आईएएस आईएफएस में टकराव बढ़ा - एसीएस अशोक वर्णवाल, एपीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव समेत कई अफसर याचिका में पक्षकार
Gwalior: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में एक महिला ने पड़ोसी युवक पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.