नूराबाद थाना प्रभारी एसआई सौरभपुरी ने बताया कि वाहन के आधार पर चालक और मालिक की पहचान की जा रही है. आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
ट्विशा शर्मा के भाई हर्षित शर्मा का आरोप है कि कोर्ट में पेशी के दौरान समर्थ सिहं हंस रहा था, उसको देखकर लग ही नहीं रहा था कि उसे अपनी पत्नी की मौत का कोई दुख है.
हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है. सीएम डॉ मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.
भोपाल में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली. मुस्लिम समाज में अंगदान के मामले कम देखने को मिलते हैं, लेकिन उन्होंने मानवता की मिसाल कायम करते हुए अंगदान कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया.
कार्यकर्ताओं ने भी सिंधिया के इस सादगीपूर्ण व्यवहार और आत्मीय जुड़ाव की सराहना की. कार्यकर्ताओं ने कहा कि यही भाजपा संगठन की वास्तविक शक्ति है, जहां नेतृत्व और कार्यकर्ता के बीच औपचारिक दूरी नहीं, बल्कि परिवार जैसा संबंध होता है.
पूछताछ के दौरान आरोपी कमलभान अगिरया ने बताया कि पिता से आए दिन झगड़ा होता था. वे छोटी-छोटी बातों को बड़ा बनाकर विवाद करते थे. पिता का व्यवहार ठीक नहीं था, इसलिए उन्हें रास्ते से हटाने का फैसला लिया और 5 हजार रुपये देकर उनकी हत्या करवा दी.
डीसीपी त्रिपाठी के मुताबिक क्राइम ब्रांच पुलिस की जांच में पता चला है कि कई ऐसे पीड़ित हैं, जिन्हें लाखों रुपये की मांगों का सामना करना पड़ा, लेकिन सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होने के डर से उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं कराई.
मनोज ने बताया कि हादसे के बाद उन्हें लगा था कि जिंदगी रुक गई है, लेकिन उन्होंने ठान लिया था कि व्हीलचेयर पर बैठकर भी देश के लिए कुछ बड़ा करेंगे. पहले राज्य स्तर, फिर राष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है.
ट्विशा शर्मा मौत के मामले में कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. पुलिस ने कोर्ट से 7 दिनों की रिमांड मांगी थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर दिया है.
बीमारी के इलाज के लिए 75 हजार रुपये की जरूरत थी. परिवार इलाज कराने में सक्षम नहीं था. जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पीके गुप्ता की मदद से बच्चे का फ्री में इलाज करवाया गया और उसे नया जीवनदान मिला.