सीधी में 3 बच्चों की जिंदा जलकर मौत, CM मोहन यादव ने परिजनों को 6-6 लाख की आर्थिक सहायता का किया ऐलान
सीधी में कच्चे घर में आग लगने से 3 बच्चों की मौत हो गई.
MP News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में डेढ़ साल की मासूम समेत 3 बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई. बच्चे कच्चे घर में खेल रहे थे तभी शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई. बच्चे बाहर नहीं निकल पाए और तड़प-तड़पकर उनकी मौत हो गई. मृतकों में डेढ़ साल, 3 साल और एक 6 साल की बच्ची शामिल है. वहीं हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है. सीएम डॉ मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.
CM मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया
पूरे हादसे पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख जतााय है. सीएम डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘आज सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में शॉर्ट सर्किट से हुए हादसे में तीन बच्चों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद व हृदय विदारक है. मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों को शांति प्रदान करें. मृतकों के परिजन को आर्थिक सहायता हेतु राज्य शासन की ओर से ₹6-6 लाख और जिला रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से ₹20-20 हजार की राशि दी जा रही है.’
आज सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में शॉर्ट सर्किट से हुए हादसे में तीन बच्चों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद व हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 23, 2026
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों को शांति प्रदान करें। मृतकों के परिजन को आर्थिक सहायता हेतु राज्य शासन की ओर…
मां दरवाजा बाहर से बंद करके गई थी
पूरा मामला जमोड़ी के काशीहवा गांव का है. यहां पर बने एक कच्चे घर के ऊपर से बिजली की लाइन गई थी. जानकारी के मुताबिक बिजली लाइन से चिंगारी कच्चे घर पर गिरी. जिसके बाद आग ने पूरे घर को अपने जद में ले लिया. बताया जा रहा है कि बच्चे बाहर ना आ जाए इसलिए मां दरवाजा बाहर से बंद करके चली गई थी. जिसके कारण आग लगने के बाद बच्चे बाहर नहीं निकल पाए और तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया.
फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले हो गई मौत
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है. आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई थी. लेकिन फायर ब्रिगड की गाड़ियां आधा घंटे के बाद आईं. जब तक दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, तब तक बच्चियों की मौत हो चुकी थी.
मरने वाले बच्चों में डेढ़ साल की रिधि साकेत, 6 साल की धुम्मू उर्फ संध्या और 3 साल का एक अन्य बच्चा शामिल है.
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