Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी वस्तुओं का उल्लेख मिलता है, जिन्हें घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.
Mahashivratri 2026: इस बार महाशिवरात्रि पर एक साथ 8 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो कई राशि के जातकों के लिए सौभाग्य लेकर आएगा. इस दिन सूर्य, बुध और शुक्र की युति से 'त्रिग्रही योग' बनेगा, साथ ही बुध-शुक्र के मिलन से 'लक्ष्मी नारायण राजयोग' और सूर्य-शुक्र की युति से 'शुक्रादित्य राजयोग' का निर्माण होगा.
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पर्व शिव और शक्ति के पावन मिलन का प्रतीक माना जाता है और इसे हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है.
Aaj Ka Rashifal: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है. साझेदारी में काम करना आपके लिए अच्छा रहेगा, लेकिन आप उसमे पूरी जांच पड़ताल करें. व्यापार कर रहे लोगों को लाभ के अवसरों को भी पहचानना होगा.
Sona Chandi: ज्योतिष शास्त्र में चांदी का संबंध सीधा चंद्रमा से माना जाता है, जो मन, भावनाओं और सुख-शांति का कारक ग्रह भी है. अंक ज्योतिष में चंद्रमा का अंक 2 बताया गया है.
Aaj Ka Rashifal: धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा. आप अपनी योजनाओं को शुरू करने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति से बातचीत अवश्य करें. किसी संपत्ति संबंधित मामले में आपको धैर्य बनाकर रखना होगा.
Shani Nakshatra Parivartan 2026: शनि 17 मई 2026 को बुध के स्वामित्व वाले रेवती नक्षत्र में गोचर करने वाले हैं. शनि का ये नक्षत्र परिवर्तन बेहद खास माना जा रहा है. इससे कुछ राशियों पर सकारात्मक असर देखने को मिलेगा
Six Planets Alignment: यह नजारा वास्तव में एक ऑप्टिकल इल्यूजन है. हालांकि पृथ्वी से देखने पर ग्रह एक कतार में सजे नजर आते हैं, लेकिन वास्तव में वे सूर्य की अलग-अलग कक्षाओं में अंतरिक्ष में दूर-दूर तक फैले होते हैं.
Aaj Ka Rashifal: मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन विशेष रूप से फलदायक रहने वाला है. प्रेम जीवन जी रहे लोग अपने साथी के साथ कुछ समय अकेले में बिताएंगे.
Sankashti Chaturthi 2026: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाई जाती है, जिसमें गणेश जी के 'द्विजप्रिय' स्वरूप की पूजा होती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत लोगों के जीवन से सभी दुखों और बाधाओं को समाप्त करने वाला माना जाता है, इसीलिए इसे संकटों को हरने वाली 'चतुर्थी' भी कहते हैं.