Vyatipat Yog 2026: इस योग के दौरान ब्रह्मांडीय ऊर्जा काफी तेज मानी जाती है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर दिखाई देता है. इस साल यह योग 27 मई सुबह 3 बजे से शुरू होकर 30 मई तक रहेगा. ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि इस समय किसी नए काम, शुभ कार्य या बड़े फैसले की शुरुआत करने से बचना चाहिए.
Padmini Ekadashi 2026: साल 2026 में पद्मिनी एकादशी 27 मई को मनाई जाएगी. व्रत का पारण 28 मई की सुबह किया जाएगा. एकादशी तिथि 26 मई सुबह 5:10 बजे से शुरू होकर 27 मई सुबह 6:21 बजे तक रहेगी.
Nautapa 2026: ज्योतिषियों के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं, जिन्हें शीतलता का प्रतीक कहा जाता है. जब सूर्य देव इस नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो वे पृथ्वी की नमी सोख लेते हैं जिस वजह से तापमान में अत्यधिक वृद्धि देखने को मिलती है.
Sun Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य भगवान रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसी समय से नौतपा शुरू होता है. नौतपा के दौरान पहले से और ज्यादा गर्मी बढ़ जाती है और तापमान में वृद्धि देखने को मिलती है.
Bada Mangal 2026 Puja: बड़े मंगल पर हनुमान चालीसा का पाठ करना काफी शुभदायक माना जाता है. अगर जीवन में किसी प्रकार के कष्टों का सामना कर रहे हैं, तो बड़े मंगल के दिन हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए.
Five Good Luck Sign: कई बार जीवन में आशा और निराशा के बीच 5 ऐसे संकेत दिखाई देते हैं जिनसे जीवन में सकारात्मक बदलाव होता है. ये गुड लक साइन बताते हैं कि आपके जीवन में अच्छे दिन आने वाले हैं.
Ketu Transit 2026: आने वाले लगभग 65 दिन इन तीन राशियों के लिए सकारात्मक रह सकते हैं. केतु के प्रभाव से सोचने और सही फैसला लेने की क्षमता बेहतर हो सकती है. करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है.
Sun Transit 2026: इस बार सिर्फ सूर्य का राशि परिवर्तन ही नहीं हुआ है, बल्कि सूर्य ने चंद्रमा के स्वामित्व वाले रोहिणी नक्षत्र में भी प्रवेश किया है. रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के आने से लोगों की सोच, भावनाओं और मानसिक स्थिति पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है.
Vastu Tips: मनोविज्ञान के अनुसार, साफ और व्यवस्थित जगह इंसान के मन को शांति देती है. भरी हुई बाल्टी इस बात का संकेत मानी जाती है कि व्यक्ति अपने घर और संसाधनों का सही तरीके से ध्यान रख रहा है.
Shani Jayanti 2026: शनि जयंती के दिन भगवान शनि देव की उपासना करने से शनि दोष में कमी आती है तथा साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है. इसके अलावा, जीवन की सारी बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है.