Vish Yog 2026: द्रिक पंचांग के अनुसार, 12 मई की शाम चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से शनि मौजूद रहेंगे. दोनों ग्रहों की युति से विष योग बनेगा. इसका असर कुछ राशियों पर ज्यादा देखने को मिल सकता है.
Shani Jayanti 2026: 14 मई को शुक्र और 15 मई को बुध दोनों ही 'वृषभ राशि' में प्रवेश कर जाएंगे. ग्रहों की इस अदला-बदली का सकारात्मक प्रभाव शनि जयंती पर भी दिखेगा, जिससे कई लोगों को शनिदेव के साथ-साथ शुक्र और बुध देव का भी विशेष आशीर्वाद मिलेगा.
Vastu Shastra Tips: सद्गुरु के अनुसार, गलत दिशा में सोने से व्यक्ति पूरे दिन तनाव में रह सकता है. इसका असर कामकाज पर भी पड़ता है और धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगता है. इसलिए इस दिशा को कंगाली की दिशा भी कहा जाता है.
Vastu Shastra Tips: ज्योतिष के अनुसार, घर की अलग-अलग अलमारियों का जुड़ाव अलग-अलग ग्रहों से होता है. अगर हम अपनी अलमारियों को सही दिशा में रखें और उन्हें हमेशा साफ-सुथरा व व्यवस्थित रखें, तो इससे जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है.
Grah Gochar 2026: ज्योतिषियों का मानना है कि सूर्य और बुध का यह बदलाव भाग्यशाली राशियों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगा. इससे न केवल नौकरी और व्यापार में तेजी आएगी, बल्कि अचानक कहीं से धन मिलने या आमदनी बढ़ने की भी प्रबल संभावना है.
Eclipse Yoga 2026: इस महीने 10 मई 2026 को ग्रहों की स्थिति एक अशुभ योग का निर्माण कर रही है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन क्रूर ग्रह राहू और सूर्य एक ही राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे 'ग्रहण योग' की स्थिति निर्मित होगी
Trigrahi Yoga May 2026: 11 मई को मेष राशि में सूर्य, बुध और मंगल तीनों एक साथ आ जाएंगे, जिससे 'त्रिग्रही योग' बनेगा. इसके साथ ही 'मंगलादित्य' और 'बुधादित्य' जैसे शुभ योगों का प्रभाव भी बना रहेगा.
Ketu Nakshatra Transit 2026: वर्तमान में केतु मघा नक्षत्र में हैं, लेकिन 2 अगस्त 2026 को वे इसके दूसरे चरण में प्रवेश कर जाएंगे. केतु का यह राशि परिवर्तन कुछ लोगों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेगा तो कुछ के लिए चुनौतियां ला सकता है.
Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा के दिन 'दशविध स्नान' का विशेष महत्व है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से दस तरह के पापों से मुक्ति मिलती है. तीन प्रकार के कायिक (शरीर द्वारा किए गए), चार प्रकार के वाचिक (वाणी द्वारा किए गए) और तीन प्रकार के मानसिक पाप.
Buddha Purnima 2026: साल 2026 में पूर्णिमा की तिथि 30 अप्रैल की रात 9:13 बजे शुरू हो जाएगी और अगले दिन 1 मई को रात 10:53 बजे तक रहेगी. क्योंकि सूर्योदय के समय की तिथि का महत्व ज्यादा होता है, इसलिए यह पर्व 1 मई को ही मनाया जाएगा.