Vastu Tips: वास्तु शास्त्र कहता है कि पति-पत्नी के लिए यह कमरा केवल सोने के लिए नहीं, बल्कि आपसी प्यार और तालमेल को गहरा करने का स्थान भी है. हालांकि, कई बार हम अनजाने में बेडरूम में ऐसी चीजें रख देते हैं जो रिश्तों में तनाव और दूरियां पैदा कर सकती हैं.
Neechbhang Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष में जब भी कोई गोचर होता है तो उससे कई शुभ योगों का निर्माण होता है. इन गोचर में एक है नीचभंग राजयोग.
April 2026 Vivah Muhurat: 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के बाद यह अवधि समाप्त हो जाती है. इसके चलते ही 15 अप्रैल को सभी मांगलिक शुभ कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं.
Easter Sunday: इस फेस्टिवल के बारे में मान्यता है कि प्रभु यीशु मृत्यु पर विजय पाकर फिर से जीवित हुए थे. यही वजह है कि इसे धूमधाम से मनाया जाता है. ईस्टर के दिन चारों ओर रंग-बिरंगे अंडे दिखाई देते हैं. इसके साथ ही चॉकलेट भी दिखाई देती है.
Ketu Nakshatra Parivartan: ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक केतु को पाप का ग्रह माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार नक्षत्र परिवर्तन 29 मार्च 2026 को हो चुका है, जो 5 दिसंबर 2026 तक रहेगा. केतु के गोचर से कुछ राशियों पर प्रभाव परेशान करने वाला रहेगा.
Mangal Nakshatra 2026: मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का यह बदलाव बेहद शुभ रहने वाला है. इस दौरान आपको फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और पदोन्नति यानी प्रमोशन के योग बनेंगे.
Vaishakh Month 2026: धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख महीने में स्न्नान, दान, जप और तप करने का विशेष महत्व होता है. इसी वजह से इस महीने को पुण्य कमाने का सबसे अच्छा समय बताया गया है.
Hanuman Jayanti 2026: इस साल हनुमान जयंती पर पूजा करने के लिए दो खास समय यानी मुहूर्त बताए गए हैं. सुबह का शुभ समय 6:10 से 7:44 बजे तक था, जो अब बीत चुका है. लेकिन परेशान होने की बात नहीं है, क्योंकि शाम को 6:39 से रात 8:06 बजे तक पूजा का एक और बेहतरीन मुहूर्त है.
Hanuman Jayanti 2026: भगवान हनुमान का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन हुआ था. उन्हें भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है और वे भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त थे.
Mangal Gochar 2026: ज्योतिषीय नजरिए से मंगल का यह गोचर केवल व्यक्तियों पर ही नहीं बल्कि देश और दुनिया पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है. इसके चलते राजनीति, समाज और प्राकृतिक आपदाओं जैसे क्षेत्रों में बड़ी हलचल या बदलाव देखने को मिल सकते हैं.