CG Liquor Scam: रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के 13 ठिकानों पर छापेमारी के बाद ED का बड़ा खुलासा, 5.39 करोड़ रुपये की नकदी-सोना जब्त
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में ED ने 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. अब तक की कार्रवाई में 53 लाख रुपए कैश, 3.234 किलो सोना और अहम डॉक्यूमेंट बरामद किए गए हैं. जिसकी कुल कीमत करीब 5 करोड़ 39 लाख रुपये है. ईडी ने प्रेस नोट जारी कर इसकी जानकारी दी है.
शराब घोटाला मामले में ED की छापेमार कार्रवाई
ईडी ने 30 अप्रैल को एक साथ 13 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर जिलों में की गई. तलाशी अभियान शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कारोबारियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से जुड़े ठिकानों पर चलाया गया. ED से मिली जानकारी के मुताबिक, इन पर घोटाले से अर्जित ‘अपराध की कमाई’ को हासिल करने, ट्रांजैक्शन करने और उसे छिपाने का संदेह है.

रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के 13 ठिकानों पर एक साथ दबिश
बता दें कि दुर्ग में ‘अमर इंफ्रा’ के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के निवास और दफ्तर पर दबिश दी गई थी, भिलाई में गोविंद मंडल के घर फैक्ट्री में भी जांच की गई. दूसरी ओर, बिलासपुर में बड़े सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और सदर बाजार स्थित ‘श्री राम ज्वेलर्स’ पर ED के 10 से ज्यादा अधिकारियों ने छापा मारा था. हालांकि किसके यहां से कितना कैश सोना बरामद हुआ, इसकी जानकारी ईडी अधिकारियों ने नहीं दी है.
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ED ने दी जानकारी
ED को शक है कि, इन लोगों ने शराब घोटाले से जुड़ी अवैध रकम को ठिकाने लगाने और उसे वैध दिखाने में अहम रोल निभाया. ED की जांच में पहले ही खुलासा हो चुका है कि, साल 2019 से 2022 के बीच शराब लाइसेंस, सप्लाई और बिक्री में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई. आरोप है कि इस दौरान शराब कारोबार से अवैध कमीशन वसूला गया और सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर हजारों करोड़ रुपए का घोटाला किया गया.