दुर्ग: चूल्हा-चौका छोड़ हाथों में थामा बैट-बॉल, धुरंधर कप में महिलाओं ने जमकर लगाए चौके-छक्के

रोजाना चूल्हा-चौका, घर की जिम्मेदारियां और परिवार की देखभाल. इन्हीं जिम्मेदारियों के बीच अब भिलाई की घरेलू महिलाओं ने हाथों में बैट-बॉल थाम लिया है.
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दुर्ग में महिलाओं ने खेला क्रिकेट

रोजाना चूल्हा-चौका, घर की जिम्मेदारियां और परिवार की देखभाल. इन्हीं जिम्मेदारियों के बीच अब भिलाई की घरेलू महिलाओं ने हाथों में बैट-बॉल थाम लिया है. सेक्टर -2 स्थित क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित धुरंधर कप में महिलाओं का ऐसा क्रिकेट देखने को मिला, जिसने मैदान में मौजूद हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

आपको बता दे की सीजी उड़ान संस्था द्वारा आयोजित इस क्रिकेट प्रतियोगिता में 6 टीमों ने हिस्सा लिया है. खास बात यह है कि प्रतियोगिता में 30 प्लस उम्र की घरेलू महिलाएं मैदान में उतरी हैं. कोई बल्लेबाजी में चौके-छक्के लगा रही थी तो कोई गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में अपना दमखम दिखा रही थी. घरेलू जिम्मेदारियों से निकलकर क्रिकेट के मैदान तक पहुंची इन महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था.कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की धर्मपत्नी डॉ. श्रुति ताम्रकार यादव मौजूद रहीं.

विधायक ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

इसके अलावा दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया.डॉ. श्रुति ताम्रकार यादव ने कहा कि भिलाई में महिलाओं के लिए लगातार क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित होती रही हैं. उन्होंने पार्षद साधना सिंह और आयोजनकर्ता निधि चंद्राकर को महिलाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने सपने पूरे करने के लिए घर से बाहर निकलना बेहद जरूरी है.

आयोजनकर्ता निधि चंद्राकर ने बताया…

आयोजनकर्ता निधि चंद्राकर ने बताया कि सीजी उड़ान टीम शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. धुरंधर कप का उद्देश्य घरेलू महिलाओं को खेल के माध्यम से मंच और प्रोत्साहन देना है.

वहीं पार्षद पति हरीश सिंह ने बताया कि महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. मैदान में सुरक्षा के लिए वॉलंटियर्स की व्यवस्था की गई है. धुरंधर कप ने यह संदेश जरूर दिया कि महिलाएं सिर्फ घर संभालने तक सीमित नहीं हैं, मौका मिले तो क्रिकेट के मैदान में भी धुरंधर साबित हो सकती हैं.

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