दुर्ग में 22वें दिन अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, वेतन वृद्धि और स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की कर रहे मांग
दुर्ग: अतिथि शिक्षकों का 22वें दिन प्रदर्शन
Durg News: दुर्ग में अतिथि शिक्षक विद्यामितान का आंदोलन लगातार 22वें दिन भी जारी है. समान काम के बदले समान वेतन, सेवा सुरक्षा, संविलियन और मानदेय बढ़ाने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों की संख्या में अतिथि शिक्षक भारी बारिश के बीच हिंदी भवन के सामने डटे हुए हैं.
स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि पिछले 11 से 12 वर्षों से वे दुर्ग समेत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है. वर्तमान में मिलने वाले करीब 20 हजार रुपये के मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से हजारों बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन खुद उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है.
इससे पहले अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निवास का घेराव भी किया था. पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोक दिया था. अब पुलिस विभाग ने हिंदी भवन के सामने जारी धरना-प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए शाम 6 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है. पुलिस ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के बाद प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो उन्हें बलपूर्वक हटाया जाएगा.
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‘अतिथि शिक्षकों नें इच्छा मृत्यु की मांग की’
हालांकि, अतिथि शिक्षकों ने साफ कहा है कि वे बिना मांग पूरी हुए यहां से नहीं हटेंगे. उनका कहना है कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करे और संविलियन, सेवा सुरक्षा, समान वेतन तथा मानदेय बढ़ाने की मांगों पर तत्काल निर्णय लें. आपको बता दें कि इससे पहले अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग भी की थी. उनका कहना था कि यदि सरकार उनके भविष्य की सुरक्षा नहीं कर सकती, तो उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार भी नहीं मिल रहा है.