क्या आपने भी कराया है अपने दोस्त का iPhone फाइनेंस ? इस खबर को पढ़ने के बाद उठ जाएगा दोस्ती से भरोसा

मेरा मोबाइल फाइनेंस नहीं हो रहा है… तुम अपने नाम से करा दो न… ऐसा लगभाग हर दोस्त एक दूसरे से कहता है. लेकिन राजधानी रायपुर से जो ठगी का मामला सामने आया है उसने दोस्ती के इस भरोसे को तोड़ दिया है और दूसरों को आगाह किया है कि किसी भी व्यक्ति को दूसरों के नाम से फोन या लोन फाइनेंस नहीं कराना चाहिए.

रायपुर. शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से मोबाइल फोन फाइनेंस कराने और उन्हें अपने कब्जे में लेकर बेचने का मामला सामने आया है. जांच के बाद रायपुर की देवेंद्र नगर पुलिस ने आरोपी हिमांशु शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चार लोगों से अलग-अलग रकम के मोबाइल फाइनेंस कराकर कुल 3 लाख 90 हजार 960 रुपए का फ्रॉड किया. मामला पुलिस कमिश्नर रायपुर के समक्ष प्रस्तुत शिकायत के बाद सामने आया.

शिकायतकर्ता तेजस्वी पाण्डेय निवासी मैत्री नगर, महादेव घाट रोड रायपुर और अन्य लोगों ने आरोपी हिमांशु शर्मा के खिलाफ शिकायत की थी. मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त सिविल लाइन रायपुर को सौंपी गई थी. जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने के बाद थाना देवेंद्र नगर में प्रकरण दर्ज किया गया.

ऐसे हुई थी आरोपी से दोस्ती

शिकायत के अनुसार तेजस्वी पाण्डेय की करीब दो वर्ष पहले टेक्नो टास्क कंपनी में काम करने के दौरान हिमांशु शर्मा से दोस्ती हुई थी। बाद में दोनों के बीच बातचीत होती रही. 28 अगस्त 2025 को हिमांशु ने तेजस्वी को शेयर ट्रेडिंग में कमाई का लालच दिया. जब तेजस्वी ने स्वयं ट्रेडिंग करने से इनकार किया तो आरोपी ने घर बैठे मुनाफा देने की बात कही और अपने नाम पर मोबाइल फाइनेंस नहीं होने का हवाला देकर तेजस्वी से मोबाइल फाइनेंस कराने को कहा.

आरोप है कि तेजस्वी ने भरोसा करके करीब 29 हजार रुपए का वीवो मोबाइल फाइनेंस कराकर हिमांशु को दे दिया. इसके अगले दिन आरोपी ने कहा कि इस मोबाइल से शेयर ट्रेडिंग नहीं हो सकेगी और iPhone की जरूरत है. इसके बाद तेजस्वी से करीब 64,900 रुपए का iPhone 15 भी फाइनेंस कराया गया. दोनों मोबाइल के मूल बिल और डिब्बे आरोपी अपने पास रखता गया. शिकायत के मुताबिक कुछ समय बाद आरोपी ने मोबाइल की किस्तें देना बंद कर दिया. उसने कथित तौर पर तेजस्वी को धमकी दी कि यदि उसके लिए एक और आईफोन फाइनेंस नहीं कराया तो पहले लिए गए मोबाइल की किस्त भी नहीं भरेगा और फाइनेंस की जानकारी उसके माता-पिता को बता देगा. इसके बाद तेजस्वी से करीब 64,501 रुपये का आईफोन 16 भी फाइनेंस कराया गया.

दोस्त के घर पहुंची तो उड़े होश

अप्रैल 2026 में फाइनेंस कंपनी से किस्त बकाया होने की जानकारी मिलने पर तेजस्वी आरोपी के कटोरा तालाब स्थित घर पहुंचा, लेकिन वहां ताला लगा मिला. इसके बाद आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसके मोबाइल बंद या पहुंच से बाहर बताए गए. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाद में उसे जानकारी मिली कि उसके नाम पर फाइनेंस कराए गए मोबाइल आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिए हैं.

पुलिस जांच में केवल तेजस्वी पाण्डेय ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों से भी इसी तरह मोबाइल फाइनेंस कराने की बात सामने आई. जांच के अनुसार तेजस्वी पाण्डेय से 1 लाख 10 हजार रुपए, ऐश्वर्य शर्मा से 1 लाख 20 हजार रुपए, रश्मि सोरी से 1 लाख 30 हजार 960 रुपए और कपिल साहू से 30 हजार रुपए की राशि से संबंधित धोखाधड़ी सामने आई है. इस तरह कुल 3 लाख 90 हजार 960 रुपए का फ्रॉड किया.

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