महादेव सट्टा ऐप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर की आज रायपुर CBI कोर्ट में होगी पेशी, हो सकते हैं बड़े खुलासे

Saurabh Chandrakar Peshi:सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है. विदेश से लाए जाने के बाद CBI ने सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था, जहां कोर्ट ने CBI को 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड दी है.
saurabh chandrakar

सौरभ चंद्राकर

Saurabh Chandrakar Peshi: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आज बड़ा दिन है. इस सट्टा साम्राज्य के मुख्य प्रमोटर और फाउंडर सौरभ चंद्राकर की आज रायपुर में पेशी होगी. CBI की विशेष कोर्ट में उसे पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू होगी. वहीं, मामले को लेकर आज कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया रायपुर

जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है. विदेश से लाए जाने के बाद CBI ने सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था, जहां कोर्ट ने CBI को 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड दी है. इसी रिमांड पर CBI की टीम उसे दिल्ली से रायपुर लेकर आई है. रायपुर में पेशी के बाद CBI उससे गहन पूछताछ करेगी.

6000 करोड़ रुपए के घोटाले में शामिल

बता दें कि, सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी सिंडिकेट का प्रमोटर बताया जाता है. उस पर करीब 6000 करोड़ रुपए के अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में शामिल होने का आरोप है. जांच में सामने आया था कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक था, जिसका संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था. इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश के खेलों सहित विभिन्न आयोजनों पर ऑनलाइन दांव लगाए जाते थे. इसके लिए देशभर में पैनल और फ्रेंचाइजी का नेटवर्क तैयार किया गया था.

सीएम साय ने दिया था बयान

महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे बड़ी सफलता बताया. दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि CBI मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी. सीएम ने इस कार्रवाई के लिए CBI और सभी केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी है.

कौन है सौरभ चंद्राकर?

  • सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है.
  • सौरभ की एक जूस की दुकान भी थी. इससे पहले वह कपड़े की दुकान में काम करता था.
  • 2019 में वो दुबई गया और अपने एक दोस्त रवि उत्पल को भी बुलाया. इसके बाद उसने महादेव एप लांच किया और फिर धीरे-धीरे ऑनलाइन सट्टा बाजार का बड़ा नाम बन गया.
  • महादेव सट्टा ऐप के नाम पर करीब 6000 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया.

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