Raipur में दुकानों पर छापा, मिठाई में मिले कॉकरोच और कीड़े, 4 के लाइसेंस सस्पेंड
रायपुर
Raipur News: त्योहारों पर जब लोग घर के लिए मिठाई खरीदने निकलते हैं, तो उन्हें ये भरोसा होता है कि दुकान से मिलने वाली मिठाई शुद्ध होगी. लेकिन राजधानी रायपुर में शनिवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की छापेमारी ने इस भरोसे को तोड़ दिया. विभाग ने तेलीबांधा और पचपेड़ी नाका इलाके की 4 नामी दुकानों में गंदगी का ऐसा आलम देखा कि मौके पर ही उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए.
मिठाइयों पर मरे हुए कीड़े
नियंत्रक दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में टीम ने जब तेलीबांधा की दुकानों में कदम रखा तो मिठाइयों पर मरे हुए कीड़े, बाल और कॉकरोच रेंगते हुए मिले. कहीं चाशनी पर फफूंद जमी थी, तो कहीं मकड़ी के जाले लगे हुए थे. टीम को देखकर दुकानदारों में हड़कंप मच गया. तीनों मिठाई दुकानों में अलग-अलग खामियांन्यू जनता स्वीट्स में मिठाई बनाने वाली जगह की दीवारों का रंग उखड़ा हुआ था. फ्रीजर में पुरानी मिठाइयां ठूंसी हुई मिलीं. कच्चा सामान खुले में पड़ा था, जिस पर धूल और मक्खियां बैठ रही थीं.
मां अंबे स्वीट्स में स्थिति और खराब
मां अंबे स्वीट्स में स्थिति और खराब थी. यहां चाशनी के बर्तनों पर जाले लगे थे और परिसर में गंदे कपड़े फैले हुए थे. मिठाइयों के बीच मरे हुए कॉकरोच और कीड़े पड़े मिले. स्वीट हट एंड बेकरी के कोल्ड स्टोरेज में रखी चमचम मिठाई में कीड़े चल रहे थे. सीढ़ियों पर पान-गुटखा थूका हुआ था और खाद्य सामग्री बिना ढके रखी थी.
रायपुर ढाबा के किचन में भी मिली गंदगी
पचपेड़ी नाका स्थित रायपुर ढाबा में भी टीम को भारी अनियमितता मिली. किचन और बर्तन धोने वाली जगह पर गंदगी का अंबार था. इडली बनाने की मशीनें टूटी-फूटी हालत में थीं. वहां रखा पनीर भी संदिग्ध लगा, जिसे देखकर टीम ने उसे तुरंत जब्त कर लिया.
150 किलो मिठाई नष्ट, 12 सैंपल लैब भेजे
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने करीब 150 किलोग्राम खराब मिठाई और 10 किलोग्राम पनीर मौके पर ही नष्ट कराया. रायपुर ढाबा से करीब 50 किलो संदिग्ध पनीर भी जब्त किया गया. इसके अलावा खोवा, कुंदा, पनीर, बूंदी, बेसन लड्डू, कलाकंद और छेना मिठाई समेत कुल 12 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं. रिपोर्ट 14 दिन में आने की उम्मीद है. रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में कार्रवाई होगी.
विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों को कम से कम 3 दिन तक दुकान बंद रखने को कहा है. इस दौरान उन्हें पूरी साफ-सफाई करनी होगी और पालन प्रतिवेदन सौंपना होगा. अगर सुधार नहीं हुआ तो निलंबन की अवधि और बढ़ाई जाएगी.