‘प्रिंस चार्मिंग की अब उम्मीद छोड़िए…’, ट्विशा-दीपिका मौत के बीच एक्‍ट्रेस रिद्धि डोगरा की पोस्ट वायरल

Ridhi Dogra on modern marriage: अभिनेत्री र‍िद्ध‍ि डोगरा ने शादी, रिश्तों और फेमिनिज्म पर खुलकर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में रिश्ते बराबरी, सम्मान और समझदारी से चलते हैं, न कि पुराने सोच और दबाव से चलते हैं.
र‍िद्ध‍ि डोगरा

र‍िद्ध‍ि डोगरा

Ridhi Dogra on modern marriage: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का ट्व‍िशा शर्मा की मौत का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसको लेकर लोगों की अलग-अलग राय देखने को मिल रही है. साथ ही साथ लोग शादी को लेकर अपना ओपिनियन भी दे रहे हैं. इन सब के बीच टीवी और फिल्म एक्ट्रेस रिद्धि डोगरा ने भी  शादी, रिश्तों, महिलाओं की आजादी और बदलते समाज को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है. उनका यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आया है.

रिद्धि डोगरा ने अपने पोस्ट में युवाओं से कहा कि अब शादी को किसी परिकथा की तरह देखना बंद करना चाहिए. उन्होंने लिखा कि आज का समाज उनके माता-पिता के दौर से बिल्कुल अलग है.  रिश्तों की परिभाषा भी बदल चुकी है.उनके मुताबिक, अब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से पहले से ज्यादा स्वतंत्र हैं, इसलिए शादी सिर्फ सहारे या मजबूरी का माध्यम नहीं रह गई.

उन्होंने लड़कों को लेकर भी साफ शब्दों में कहा कि अब महिलाएं आंख बंद करके हर बात मानने वाली नहीं हैं. आज की लड़कियां अपने फैसले खुद लेने में सक्षम हैं और जरूरत पड़ने पर अकेले भी जिंदगी जी सकती हैं.रिद्धि के अनुसार, रिश्ते बराबरी और समझदारी पर टिके होने चाहिए, न कि आदेश और नियंत्रण पर होना चाह‍िए.

रिद्धि की महिलाओं को सलाह

रिद्धि ने महिलाओं को भी सलाह दी कि वे शादी के बाद अपने पार्टनर से किसी प्रिंस चार्मिंग बनने की उम्मीद न रखें.उन्होंने कहा कि पुरुष भी बदलते समाज और नई जिम्मेदारियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं.ऐसे में दोनों पक्षों को एक-दूसरे को समझने और समय देने की जरूरत है.

 डोगरा ने अपने पोस्ट में रिश्तों में परिवार के जरूरत से ज्यादा दखल पर भी सवाल उठाए.उन्होंने कहा कि शादी दो लोगों के बीच का रिश्ता है. इसमें हर समय बाहरी हस्तक्षेप रिश्ते को कमजोर कर सकता है.उनका मानना है कि किसी भी सफल विवाह की बुनियाद प्यार, सम्मान और व्यक्तिगत स्पेस पर होनी चाहिए.

फेमिनिज्म पर क्या बोलीं एक्ट्रेस

फेमिनिज्म पर भी एक्ट्रेस ने अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि असली फेमिनिज्म पुरुषों को नीचे दिखाना नहीं, बल्कि महिलाओं और पुरुषों के लिए बराबरी की सोच है.मानसिक स्वास्थ्य, सम्मान और भावनात्मक संतुलन दोनों के लिए जरूरी हैं. 

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