राघव चड्ढा के दल-बदल पर भड़के अन्ना हजारे, कर दी सख्त कानून की मांग, AAP को दी नसीहत
अरविंद केजरीवाल, अन्ना हजारे,राघव चड्ढा
Anna Hazare Statement: आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत कई नेताओं के अलग होने के बाद देश की राजनीति में दल-बदल कानून पर बहस तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी कई आरोप लगा रही है तो आम जनता की नाराजगी भी खुलकर सामने आ रही है. इसी बीच समाजसेवी अन्ना हजारे ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों के लिए ऐसा सख्त कानून बनना चाहिए, जिससे वे जनता का वोट लेकर बीच रास्ते पार्टी न बदल सकें.
अन्ना हजारे के बयान से साफ है कि वे खुद राघव के फैसले से खुश नहीं हैं. यही वजह है कि उन्होंने कहा कि आज कई नेता सिद्धांतों से ज्यादा निजी फायदे को ज्यादा महत्व देते हैं. जहां भी उन्हें सत्ता या लाभ दिखता है, वहीं चले जाते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि दलबदल करने वाले नेताओं के मुताबिक लोकतंत्र में जनता किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि पार्टी की विचारधारा, वादों और भरोसे पर वोट देती है. ऐसे में चुनाव जीतने के बाद दल बदलना मतदाताओं के साथ विश्वासघात जैसा है.
अन्ना हजारे की कड़ी प्रतिक्रिया
अन्ना हजारे का इस तरह का यह बयान ऐसे समय आया है जब राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में जाने की खबरों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. इस घटनाक्रम को AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. पार्टी की ओर से राज्यसभा सभापति को याचिका देकर संबंधित सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग भी की गई है.
अन्ना की AAP को नसीहत
अन्ना हजारे ने अप्रत्यक्ष रूप से आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यदि कोई संगठन अपने मूल सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रहे, तो उसके नेता और कार्यकर्ता उसे छोड़कर नहीं जाते हैं. उनकी टिप्पणी इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि अन्ना आंदोलन से निकली राजनीति ने ही कभी AAP को जन्म दिया था.
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