20,000 रुपए वेतन का दावा फर्जी, हरियाणा से फेंक न्यूज फैलने के बाद नोएडा में हिंसा, CM कमेटी ने किया खुलासा

Noida Protest: नोएडा हिंसा की जांच में पता चला कि हरियाणा से एक झूठी खबर चलाई गई कि केंद्र सरकार ने सबको 20,000 रुपए वेतन देने के आदेश दिए हैं. जिसके बाद नोएडा के कर्मचारी उकसावे में आ गए और नोएडा में आगजनी-तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया.
Noida protest

नोएडा प्रोटेस्ट

Noida Protest: उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में प्राइवेट कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन तो कई दिनों तक चला लेकिन सोमवार को प्रदर्शन करने वाले उग्र हो गए. इस दौरान कर्मचारियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और तोड़फोड़ की. जिसमें काफी नुकसान हुआ. हालांकि पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए करीब 350 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है. लेकिन अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है.

सीएम योगी ने बढ़ते मामलों को देखते हुए कड़े एक्शन लिए और जांच के आदेश दिए थे. जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें कई बड़े खुलासे हुए. जांच में पता चला कि हरियाणा से एक झूठी खबर चलाई गई कि केंद्र सरकार ने सबको 20,000 रुपए वेतन देने के आदेश दिए हैं. जिसके बाद नोएडा के कर्मचारी उकसावे में आ गए और नोएडा में आगजनी-तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया. हरियाणा से चली यह आग एनसीआर तक फैल गई. जांच में इसका खुलासा हुआ है. यानी कहा जा सकता है कि इस प्रदर्शन के पीछे की वजह सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश भी है.

क्या है न्यूनतम सैलरी स्ट्रक्चर?

  • अकुशल श्रमिक: ₹11,313.65 प्रति माह से बढ़ाकर 13690 कर दिया गया.
  • अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,446 प्रति माह से बढ़ाकर 15059 रुपए
  • कुशल श्रमिक: ₹13,940.37 प्रति माह से बढ़ाकर 16,868 रुपए कर दिया गया है.

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श्रमिक और उद्योग वालों से की बातचीत

हाई पावर्ड कमेटी के प्रेस कांफ्रेंस में IIDC दीपक कुमार ने बताया कि हमें श्रमिक को भी बचाना है और उद्योग को भी बचाना है. इसलिए श्रमिक और उद्योग वालों के लिए बातचीत कर बीच का रास्ता निकाला जा रहा है ताकि किसी को नुकसान ना हो. योगी सरकार ने प्रदर्शन के बाद सोमवार की देर रात ही न्यूनतम मजदूरी दरों को बढ़ाने का आदेश दिया है. यह आदेश 1 अप्रैल 2026 से ही लागू किया जाएगा.

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