पेट्रोल को अलविदा कहने की तैयारी! सरकार ने E100 पेट्रोल को दी मंजूरी, 2 महीने के भीरत लॉन्च होगी गाड़ियां

E100 Fuel Car: आम लोगों को अब पेट्रोल को अलव‍िदा कहने का समय आ गया है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि सरकार ने E100 पेट्रोल को मंजूरी दे दी है. सड़क पर‍िवहन मंत्र‍ी नितिन गडकरी ने कहा कि अगले दो महीने के भीतर सरकार गाड़‍ियां लॉन्‍च करेगी.
E100 Fuel Car

न‍ितिन गडकरी

E100 Fuel Car: देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित ईंधन (E100) से चलने वाले वाहनों के लिए नियमों को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि उन्होंने E100 वाहनों को कानूनी मान्यता देने वाली फाइल पर साइन कर दिए हैं.  

गडकरी ने कहा कि एथेनॉल को पेट्रोल का प्रभावी विकल्प बनाने का उनका लंबे समय का सपना अब साकार होता दिख रहा है। उन्होंने बताया कि एक प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी के 100% एथेनॉल से चलने वाले वाहन का भी लॉन्च किया गया है. आने वाले समय में अन्य वाहन निर्माता कंपनियां भी इस दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं.  

नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि, “उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि, कल रात 8 बजे उन्होंने 100 प्रतिशत इथेनॉल के कानूनी उपयोग को मंजूरी देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. उन्‍होंने आगे कहा कि अगले दो महीनों के भीतर कई ऑटोमोबाइल कंपनियां 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाले वाहन लॉन्च करेंगी.

क्या है E100 ईंधन?

E100 ऐसा ईंधन है जिसमें लगभग पूरी मात्रा एथेनॉल की होती है. आम तौर पर इसमें 93 से 95 प्रतिशत इथेनॉल और थोड़ी मात्रा में पेट्रोल या अन्य मिश्रण शामिल किए जाते हैं, जिससे वाहन स्टार्ट करने और तकनीकी जरूरतों में मदद मिलती है.  

सरकार का मानना है कि एथेनॉल के अधिक उपयोग से देश की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी. भारत हर साल पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर भारी रकम खर्च करता है. एथेनॉल का उत्पादन देश में ही गन्ने और अन्य जैविक स्रोतों से किया जा सकता है, जिससे किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

E20 से E100 तक का सफर

भारत पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E20) के लक्ष्य को हासिल कर चुका है. अब सरकार E85 और E100 जैसे उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों की ओर बढ़ रही है. इसके लिए मोटर वाहन नियमों में बदलाव की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी, जिसे अब आगे बढ़ाते हुए E100 वाहनों को मंजूरी दी गई है.

ऑटो कंपनियां भी तैयार

हाल के महीनों में कई वाहन निर्माता कंपनियों ने फ्लेक्स-फ्यूल और एथेनॉल आधारित वाहनों पर काम तेज किया है. कुछ कंपनियां E100 तकनीक वाले मॉडल पेश कर चुकी हैं, जबकि अन्य कंपनियां भी ऐसे वाहनों को बाजार में लाने की तैयारी कर रही हैं.  

सरकार को उम्मीद है कि E100 ईंधन का इस्तेमाल बढ़ने से प्रदूषण कम होगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी और भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाएगा. 

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