CJP के सौरभ दास असल में हैं योगेश शर्मा? असली नाम और नागरिकता पर उठे सवाल, HC से नोटिस जारी

Saurav Das: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास को लेकर दावा किया जा रहा है कि उनका असली नाम योगेश शर्मा है. इसके साथ ही उनकी नागरिकता पर भी सवाल उठ रहे हैं. यही वजह है कि कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है.
Saurav Das

सौरभ दास

Saurav Das: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास पिछले कई महीनों से चर्चा में हैं. उनके चर्चा में रहने की वजह सीजेपी के प्रदर्शन हैं. लेकिन इस बार वह किसी दूसरी वजह से सभी के न‍िशाने पर आ गए हैं. ऐसा दावा किया जा रहा है कि सौरभ का असली नाम योगेश शर्मा है. इसको लेकर मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. जिसकी जांच के लिए कोर्ट ने नोटिस जारी किया है.

यह याचिका गणेश कुमार नाम के व्यक्ति की तरफ से दाखिल की गई है. इसमें सौरभ दास का नाम ‘योगेश शर्मा उर्फ सौरभ दास’ बताया गया. याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि उनकी असली पहचान, नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच कराई जाए. इसमें उनके माता-पिता से जुड़ी जानकारी की पड़ताल करने की मांग भी शामिल है.

कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

कुल मिलाकर कोर्ट ने भी इस तरह की बातों पर ध्यान दिया. इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने का फैसला किया कि सौरभ असल में कहां के हैं और उनका असली नाम क्या है. क्या उन्‍होंने अपना नाम बदला है या फिर कोई जानकारी छिपाई है. यही वजह है कि शुक्रवार को अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. 

X और इंस्टाग्राम अकाउंट बंद करने की मांग

याचिकाकर्ता ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से सौरभ दास के नाम से चल रहे X और इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक करने का निर्देश देने की मांग की. याचिकाकर्ता का कहना है कि अगर जांच में वह विदेशी नागरिक पाए जाते हैं, तो उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द करने की कार्रवाई की जाए.

सौरभ के वकील ने पेश कि‍ए कागज

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने सौरभ दास की पहचान और पते से जुड़े कुछ दस्तावेज अदालत के सामने रखे. पीठ ने इन दस्तावेजों को देखा और उनमें दर्ज कुछ जानकारियों पर स्पष्टीकरण भी मांगा है.  अब इस मामले में करीब छह सप्ताह बाद अगली सुनवाई होगी.

फिलहाल अदालत ने केवल नोटिस जारी किया है। सौरभ दास की पहचान, नागरिकता या परिवार को लेकर याचिका में लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं. यही कि अब सौरभ के पास मौका है वह कोर्ट को साफ-साफ बता सकें कि उनका असली नाम, कहां के रहने वाले हैं और उनकी नागरिकता को लेकर उठ रहे सवाल कहां तक ठीक हैं. 

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