मानसून का काउंटडाउन शुरू! सबसे पहले केरल में देगा दस्तक, MP-यूपी समेत उत्तर भारत में कब होगी बारिश?
मानसून को लेकर बड़ा अपडेट
Monsoon Updates: देशभर में इस समय लोग भीषण गर्मी के कारण खासे परेशान नजर आ रहे हैं. अब लोगों को सिर्फ और सिर्फ मानूसन के आने का इंतजार है. हर कोई चाहता है कि अब बस गर्मी का यह सितम जल्द से जल्द खत्म हो जाए. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है. सबसे पहले इसकी एंट्री केरल में होगी, जिसके बाद धीरे-धीरे यह मध्य और उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा.
IMD के अनुसार मॉनसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है. आमतौर पर केरल में मॉनसून 1 जून के करीब आता है, लेकिन इस बार इसके 5 से 6 दिन पहले पहुंचने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि तारीख में 4 दिन आगे-पीछे का अंतर हो सकता है.
मॉनसून की शुरुआत अंडमान-निकोबार और दक्षिण बंगाल की खाड़ी से हो चुकी गतिविधियों के साथ मानी जा रही है. वहां से यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की शाखाओं के जरिए आगे बढ़ेगा. पहले केरल, फिर कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में बारिश शुरू होगी. इसके बाद जून के दूसरे हफ्ते तक मध्य भारत में मॉनसून सक्रिय होने की संभावना है.
मध्य प्रदेश में कब आएगा मॉनसून
मध्य प्रदेश में मॉनसून के 12 से 15 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. राज्य के दक्षिणी हिस्सों जैसे बालाघाट, मंडला और छिंदवाड़ा में पहले बारिश शुरू हो सकती है, जबकि भोपाल, इंदौर और ग्वालियर तक मॉनसून पहुंचने में थोड़ा और समय लग सकता है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मध्य भारत में सामान्य से अच्छी बारिश हो सकती है.
छत्तीसगढ़ जून में पहुंचेगा मानसून
छत्तीसगढ़ में मॉनसून आमतौर पर जून के दूसरे हफ्ते में प्रवेश करता है और इस बार भी 10 से 15 जून के बीच इसके पहुंचने का अनुमान है. रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर संभाग में अच्छी बारिश की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल राज्य में तेज गर्मी और लू का असर बना हुआ है, लेकिन मॉनसून आने के बाद तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है.
उत्तर प्रदेश को करना होगा इंतजार
उत्तर प्रदेश में मॉनसून का इंतजार थोड़ा लंबा हो सकता है. पूर्वी यूपी में 18 से 20 जून के बीच बारिश की शुरुआत होने का अनुमान है, जबकि लखनऊ, कानपुर और पश्चिमी यूपी में मॉनसून जून के आखिरी हफ्ते तक पहुंच सकता है. दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मॉनसून जून के अंत तक सक्रिय होने की संभावना जताई गई है.
कैसी होगी मॉनसून की रफ्तार
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि केरल में मॉनसून जल्दी पहुंचने का मतलब यह नहीं कि पूरे देश में हर जगह जल्दी बारिश शुरू हो जाएगी. मॉनसून की रफ्तार कई वैश्विक और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करती है. इस बार एल नीनो जैसे कारकों पर भी नजर रखी जा रही है, जिसका असर बारिश की मात्रा पर पड़ सकता है.
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